उत्तराखंड : भारी बारिश ने पहाड़ से मैदान तक मचाई तबाही, बहते लोगों को मुश्किल बचाया

कुमाऊं : राज्य में बारिश का दौर जारी है। आज भी पहाड़ से लेकर मैदान तक कई इलाकों में बारिश हो रही है। कुमाऊं और गढ़वाल में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कुमाऊं मंडल में पहाड़ से मैदान ते पिछले तीन दिनों से भारी बारिश तबाही मचा रही है। लोगों के मुश्किलें खड़ी कर रही है। बारिश से पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर जिले के कई इलाकों में काफी नुकशान हुआ है। बागेश्वर के आरे में बादल फटने से कई सड़कें और खेत मलबे से पट गए। ऊधमसिंह नगर के सितारंगज में कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से लोगों को घर छोड़ना पड़ा।

पिथौरागढ़ के धारचूला, मुनस्यारी क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से काली और गोरी नदियां अपने रौद्र रूप में हैं। धारचूला, थल में कई मकानों में भारी बारिश के कारण हुआ भू-स्खलन का मलबा घुस गया। मजबूरन लोगों को अपने घरों से बाहर भागना पड़ा। धारचूला में भूस्खलन के बाद 30 मकान खतरे में हैं। पुंगराऊ बेल पट्टी में भी 6 से अधिक मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। बागेश्वर जिले में सोमवार शाम को शुरू हुई बारिश आज भी जारी है। बारिश के कारण कई मकान गिर गए। जिले भर के करीब 70 गांवों की आपूर्ति ठप हो गई है।

पहाड़ी क्षेत्रों में हुई भारी बारिश का असर मैदानी इलाकों में देखने को मिला। बारिश से ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में आई बाढ़ ने गुरुनानकनगरी, वनकुईया और गौढ़ी गांव में जमकर तबाही मचाई है। गुरुनानकनगरी गांव में जलपनिया पुल के ऊपर से 10 फीट तक पानी बहने लगा। इस कारण गुरुनानकनगरी के साथ ही पड़ोसी गांव वनकुईया, गौढ़ी के करीब 600 परिवार बाढ़ में फंस गये। जलभराव के कारण घरों में ग्रामीणों का राशन और अन्य सामान भीगने से खराब हो गया है। जलपनिया नाले को पार कर रहे तीन ग्रामीण तेज बहाव में बह गये थे। शोर मचाने पर ग्रामीणों ने बमुश्किल उन्हें पानी के बहाव से किसी तरह बाहर निकाला।

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