उत्तराखंड: स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, रोकथाम-बचाव की तैयारी

देहरादून : उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग स्वाइन फ्लू को लेकर अभी से गंभीर हो गया है. जी हां इसी को देखते हुए आज शानिवार को एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा के फैलने की सम्भावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जनपदों में समयान्तर्गत रोकथाम एवं बचाव की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की एक बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा से बचाव, नियत्रंण एवं प्रबन्धन के लिए इन्टीग्रेटेड डिसीज सर्विलेंस कार्यक्रम के तहत सभी जनपदों के जिला सर्विलेंस अधिकारियों, एपिडेमियोलाजिस्ट एवं माइक्रोबाइलोजिस्ट को देहरादून बुलाकर प्रशिक्षण दिया गया।

एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा के प्रबन्धन एवं रोकथाम की समीक्षा की गयी

एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा के प्रबन्धन एवं रोकथाम के लिये निदेशक स्वास्थ्य डाॅ. तृप्ति बहुगुणा एवं निदेशक एनएचएम डाॅ. अंजलि नौटियाल द्वारा तैयारियों की समीक्षा की गयी। डाॅ तृप्ति बहुगुणा ने कहा कि राज्य में एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा एक प्रमुख जन स्वास्थ्य की समस्या के रूप में परिलक्षित हो रहा है जिसके बचाव के लिए और समय तैयरियां कर ली जाय और औशधियों की यथोचित मात्रा में आपूर्ति किये जाने, चिकित्सालयों में आईसो लेषन वार्ड बनाये जाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार गतिविधियो को सुनिश्ति कर लिया जाय। डाॅ. बहुगुणा ने एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा की रोकथाम एवं उपचार के लिए सभी चिकित्सालयों पर औशधियां एवं अन्य उपकरण की उपलब्धता के लिये बजट की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने के भी निर्देश दियेे।

एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा विषाणु जनित रोग है-अंजली नौटियाल

बैठक में एनएचएम निदेशक डॉक्टर अंजली नौटियाल ने बताया एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा विषाणु जनित रोग है, जो इन्फ्लूएन्जा ए नामक वायरस से होता हैैै। यह विशाणु लोगों में खांसने और छींकने से फैलता है, जिससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता की जरुरत है।

आमजन को किया जाए पहले से जागरुक-एनएचएम निदेशक

निदेशक एनएचएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन को इस बात के लिये भी जागरूक किया जाय कि यदि वह किसी अन्य जटिल बीमारी से ग्रसित हैं या उम्र दराज व्यक्ति हैं तो एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा के लक्षण होने पर तुरन्त चिकित्सकीय परामर्ष लें और बिना चिकित्सक की सलाह के कोई भी दवा न लें।

संदिग्ध मृत्यु की सूचना मिलती है तो उसका डेथ ऑडिट अवश्य कराएं-नौटियाल

डाॅक्टर नौटियाल ने यह भी बताया कि अगल एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा से किसी संदिग्ध मृत्यु की सूचना मिलती है तो उसका डेथ ऑडिट अवश्य कराया जाये और उसके बाद ही मृत्यु के वास्ताविक कारणों की जानकारी सार्वजनिक की जाय ताकि जनमानस में एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा को लेकर भय की स्थिति व्याप्त न हो सके।

इस मौके पर आईडीएसपी के राज्य नोडल अधिकारी डाॅ. पंकज सिंह ने एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा की रोकथाम, नियंत्रण एवं प्रबन्धन के लिये भारत सरकार द्वारा जारी गाईडलाइन अनुसार एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा के लक्षणों की कैटेगरी, जाॅच एवं उपचार, जन जागरूकता एवं सर्वेलंस के बारे में जनपद स्तरीय अधिकारियों को प्रषिक्षित किया। डाॅ. सिंह ने बताया कि यह एक सामान्य सर्दी जुकाम की तरह होने वाला रोग है और गम्भीरता के अनुसार ही एच1एन1 के लक्षण होने पर चिकित्सक द्वारा निर्धारित उपचार दिया जाना चाहिये।

जन जागरूकता के सभी कोशिश अमल में लाएं-डाॅक्टर पंकज 

डाॅक्टर पंकज सिंह ने एच1एन1 इन्फ्लुएन्जा के बारे में आम जनमानस की जागरूकता की आवश्यकता को महत्वपूर्ण बताया और जनपदों को निर्देश दिये कि अनावश्यक भय की स्थिति को रोकने के लिये जन जागरूकता के सभी कोशिश अमल में लाये।

समीक्षा बैठक में सीएमओ देहरादून डाॅ. मीनाक्षी जोशीस अपर निदेशक डाॅ. सुमन आर्या, सहायक निदेषक अजीत मोहन जौहरी, औषधी निरीक्षक नीरज कुमार, बजट अनुभाग अधिकारी रमेश आर्या एवं एनएचएम के अधिकारी तथा जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

 

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