उत्तराखंड : डाक्टर, दवाई और सफाई पर रहेगा फोकस, प्रदेशभर में लगेंगे 600 स्वास्थ्य शिविर

देहरादून : स्वास्थ्य विभाग प्रदेशभर में 600 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करेगा। जिसके तहत पर्वतीय विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 एवं मैदानी विधानसभा क्षेत्रों में 5-5 शिविरों का आयोजन किया जायेगा। स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन क्षेत्रीय विधायकों की अध्यक्षता में किया जायेगा। जिसकी व्यवस्था जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी को करनी होगी। प्रत्येक विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के 100-100 वैक्सीनेशन केन्द्रों का निरीक्षण भी करेंगे। आम जनता को बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार का मुख्य फोकस अस्पतालों में डाक्टर, दवाई और सफाई पर रहेगा। जिला स्वास्थ्य समितियों की नियमित बैठकें करनी होगी।

यह बात प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विधानसभा स्थित सभागार में सूबे के मुख्य चिकित्साधिकारयों की समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि विभाग प्रदेशभर में 600 स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करेगा जिसमें विशेषज्ञ डाक्टरों के द्वारा जरूरतमंद लोगों की जांच के साथ ही दवाई भी दी जायेगी। इन शिविरों का आयोजन क्षेत्रीय विधायकों की अध्यक्षता में किया जायेगा जिसके आयोजन की जिम्मेदारी संबंधित जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी की होगी। इसके अलावा प्रत्येक विधायक अपनी विधानसभा क्षेत्र के 100-100 कोविड वैक्सीनेशन केन्द्रों का निरीक्षण करेंगे। मुख्य चिकित्साधिकारियों को अपने जनपदों में जिला स्वास्थ्य समिति की नियमित बैठकें करने के निर्देश दिये गये, जिनमें क्षेत्रीय विधायक सहित नामित सदस्यों को आमंत्रित करना होगा।

चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री डा. रावत ने कहा कि सरकार प्रदेशवासियों को बेहत्तर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अगले तीन माह तक विशेष अभियान चलायेगी। जिसके तहत डाक्टर, दवाई एवं सफाई पर मुख्य फोकस रखते हुए अस्पतालों का नियमित निरीक्षण किया जायेगा। इस अभियान के तहत स्वयं स्वास्थ्य मंत्री 100 अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेंगे। जबकि क्षेत्रीय विधायकों को अपनी विधानसभा क्षेत्र के 5-5 अस्पतालों का निरीक्षण करना होगा। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर की रोकथाम की तैयारियों की जनपदवार समीक्षा करते हुए स्वास्य मंत्री ने मुख्य चिकित्साधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

बैठक में अधिकतर मुख्य चिकित्साधिकारयों द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों, एएनएम, स्टाफ नर्स एवं चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की कमी की बात रखी। जिस पर विभागीय मंत्री ने सचिव स्वास्थ्य एवं महानिदेशक स्वास्थ्य को उपरोक्त समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिये। सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डा. पंकज पाण्डेय ने बताया कि विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती के प्रयास किय जा रहे हैं तथा एएनएम, स्टाफ नर्स तथा चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों की तैनाती एनएचएम के माध्यम से की जा सकती है। जिसकी स्वीकृति पूर्व में ही दी जा चुकी है। उन्होंने प्रदेशभर में आशा हेल्थ वर्कर के रिक्त 150 पदों को तत्काल भरने के निर्देश दिये।

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