उत्तराखंड : पहले दबाव में किया गिरफ्तार, अब आंदोलन के डर से छोड़ा

रुड़की : भाजपा नेता की आत्मदाह की चेतावानी के बाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार करने पर भाजपा नेता के परिजनों ने धरने और जेल भरो आंदोलन की कल शाम पत्रकार वार्ता कर चेतावनी दी थी जिसके बाद आज भाजपा नेता जगजीवन राम के परिजन जॉइंट मजिस्ट्रेट के आवास पर पहुंचे जहां ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट ने बैठक कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

आपको बता दें कि भाजपा नेता जगजीवन राम पिछले लंबे समय से चकबंदी विभाग के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। चकबंदी विभाग में भूमाफियाओं व अधिकारियों की मिलीभगत से भ्र्ष्टाचार के आरोप लगाकर कार्रवाई न होने से नाराज कुछ महीने पहले भी तहसील परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया था लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझाकर दो महीने में कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

चार महीने बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर भाजपा नेता ने 16 अप्रैल को एक बार फिर आत्मदाह की चेतावनी दी थी जिसके बाद पुलिस ने उन्हें काल उनके आवास से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। वहीं इस मामले में ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट अंशुल सिंह ने कहा कि आचार संहिता के कारण इस मामले की जांच थोड़ी लेट हो गयी थी।

वहीं, जांच पूरी न होने पर जगजीवनराम ने आत्मदाह की धमकी दे दी इसलिए उन्हें प्रोटेक्शन में लिया गया। उन्होंने कहा कि जगजीवनराम को आज बेल पर छोड़ा जाएगा साथ ही उनके परिजनों से आश्वासन लिया है कि वह ऐसा कोई कदम नही उठाएंगे।

इसके साथ ही जांच टीम में पहले केवल एएसडीएम जांच कर रहे थे अब उनके साथ तहसीलदार अपर तहसीलदार को भी जांच टीम में शामिल किये गए है। 2 मई तक जांच पूरी हो जाएगी साथ ही अवैध कब्जे करने वालों को किसी भी हाल में बक्शा नही जाएगा।

वहीं, जॉइंट मजिस्ट्रेट के आश्वासन के बाद भाजपा नेता के परिजनों व जेल से रिहा हुए भाजपा नेता जगजीवन राम ने कहा कि अगर दो मई तक कोई ठोस कार्रवाई नही की गई तो आने वाले समय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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