उत्तराखंड : बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए यूक्रेनी दूतावास पहुंच गए पिता

देहरादून: यूक्रेन में युद्ध के बीच कई भारतीय छात्र फंसे हुए हैं। उनमें बड़ी संख्या में उत्तराखंड के मेडिकल छात्र भी वहां फंसे हुए हैं। यूक्रेन में फंसे छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए उनके परिजन लगातार सरकार से गुहार लगा रहे हैं। खारकीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे बेटे अक्षत की सुरक्षित वापसी के लिए उनके पिता कोरोनेशन अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी जोशी यूक्रेनी दूतावास पहुंच गए।

वहां उन्होंने उच्चाधिकारियों से बात की और बेटे को सुरक्षित वापस लाने की गुहार लगाई। डॉ. जोशी का कहना है कि खारकीव में फंसे भारतीय छात्रों से अपने स्तर पर पौलेंड व रोमानिया बार्डर पहुंचने के लिए कहा गया है। जबकि खारकीव से पोलैंड और रोमानिया की दूरी करीब 1300-1400 किलोमीटर है। छात्रों के पास खाना भी खत्म हो रहा है।

उन्होंने बताया कि उनका बेटा और अन्य छात्र मेट्रो स्टेशन के बेसमेंट में किसी तरह से छुपे हुए हैं। वार जोन और भीषण ठंड में उनके लिए इतनी लंबी दूरी तय कर पाना मुमकिन नहीं है। उन्होंने मांग की है कि छात्रों के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की जाए।

डॉ. जोशी ने मांग की है कि छात्रों को बेलगोरोद से निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए। बेलगोरोद खारकीव से महज 60 किमी ही दूर है। नागरिक कल्याण संगठन ऋषिकेश ने मेडिकल की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए सभी भारतीय छात्रों को सुरक्षित वतन वापस लाने की मांग की है।

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