उत्तराखंड: किसानों का फिर ऐलान, जब तक कानून वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं

हल्द्वानी : लंबे समय से देश की राजधानी के बॉर्डर पर केंद्र सरकार द्वारा लागू किए 3 किसान कानून के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों के समर्थन में उत्तराखंड के किसानों को जोड़ने की मुहिम शुरू हो गयी है। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रवक्ता जगतार सिंह बाजवा ने हल्द्वानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि जब तक केंद्र सरकार किसान विरोधी तीनों कानूनों को समाप्त नहीं करती तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।

केंद्र सरकार को किसानों की कृषि उपज के लिए msp कानूनी बनाना होगा उत्तराखंड के किसान भी अब बढ़-चढ़कर किसान आंदोलन को समर्थन कर रहे हैं। यहां भी कृषि आधारित खेती बढ़े पैमाने पर की जाती है। लेकिन, किसानों को वह दाम नहीं मिल पाता जो उन्हें मिलना चाहिए और इस कानून के आने के बाद किसान प्राइवेट कंपनियों के हाथों बर्बाद हो जाएगा। क्योंकि यह प्राइवेट कंपनियां ही उसकी उपज का दाम निर्धारित करेंगी जिससे किसान को नुकसान होगा उन्होंने बताया कि जल्द ही उत्तराखंड के पहाड़ों में भी किसान महापंचायत की जाएगी।

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