उत्तराखंड : 50 कुंतल अनाज से कुंभ कलश बनाकर DPS ने रचा इतिहास, लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज

हरिद्वार: प्रमुख शिक्षण संस्था दिल्ली पब्लिक स्कूल भेल के विद्यार्थियों ने नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए अपने आप को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल करा लिया। संस्था और यहां के बच्चों और स्टाफ के लिए यह दिन बेहद गौरवशाली साबित हुआ।

सोमवार को ग्रह और नक्षत्रों के हिसाब से बृहस्पति कुंभ राशि में प्रविष्ट हुआ। इस मौके को खास बनाते हुए दिल्ली पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अपने स्कूल के मैदान में 50 कुंतल अनाज से कुंभ कलश की बेहद ही सुंदर आकृति सजाई। चने की दाल और विभिन्न रंगों से रंगे चावलों से बनाई गई यह आकृति इतनी आकर्षक थी कि जिसने भी उसे देखा वह देखता ही रह गया।

प्रधानाचार्य डॉ अनुपम जग्गा ने बताया कि शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने यह आकृति सजाई इसमें सैकड़ों बच्चों के साथ ही कई शिक्षकों ने भी योगदान दिया। इसके साथ ही एक और नया कीर्तिमान भी बनाया गया। यहां जाने-माने ज्योतिषाचार्य डॉक्टर प्रतीक मिश्रपुरी ने 1 घंटा 26 मिनट में 104 बच्चों की वैदिक गणना के आधार पर कैरियर काउंसलिंग की और उन्हें मार्गदर्शन दिया कि उनके लिए भविष्य में कौन सा क्षेत्र कैरियर के हिसाब से ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। दोनों ही आयोजनों में बच्चों का उत्साह देखते ही बनता था।

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की ओर से स्थानीय जज के रूप में वीरेंद्र सिंह तथा समन्वयक के रूप में संदीप बिश्नोई ने दोनों ही गतिविधियों की निगरानी करते हुए उन्हें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किए जाने की घोषणा की। सांय कालीन सत्र में आयोजित समारोह में निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने भव्य समारोह में इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से जारी किए गए प्रमाण पत्र तथा ट्रॉफी डीपीएस के प्रधानाचार्य डॉ अनुपम जग्गा तथा डॉक्टर प्रतीक मिश्रपुरी को प्रदान किए। इस दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा कुंभ, जल एवं गंगा पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए ।

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