उत्तराखंड : आगे-आगे कुत्ता, पीछे-पीछे तेंदुआ, दोनों एक ही कमरे में बंद, जानें फिर क्या हुआ ?

 

बागेश्वर: उत्तराखंड में तेंदुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। तेंदुए अब तक कई लोगों को अपना निवाला बना चुके हैं। पालतु जानवरों को भी अपना शिकार बनाते रहते हैं। लेकिन, इस बार तेंदुए को कुत्ते का शिकार करना महंगा पड़ गया। तेंदुए ने कुत्ते का मारने का प्रयास किया, लेकिन कुत्ता भागत निकला और भागते-भागते घर पहुंच गया। तेंदुआ भी उसके पीछे-पीछे घर पहुंच गया और उसी कमरे में घुस गया, जहां कुत्ता घुसा था।

मालता गांव में शुक्रवार तेंदुए के दहाड़ने पर परिवार के लोगों को पता चला। उन्होंने देखा कि कमरे में तेंदुआ घुसा है। मौके का फायदा उठाकर उसे कमरे में ही बंद कर दिया। इस दौरान लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद तेंदुए को पिंजरे में बंद कर लिया।

गांव के पूरन सिंह के कुत्ते पर तेंदुआ झपटा तो कुत्ता भागते हुए उनके घर की पहली निचे की मंजिल में बने कमरे में घुस गया। तेंदुआ भी उसका पीछा करते हुए कमरे में चला गया। तेंदुए के दरवाजे से टकराने पर दरवाजा बंद हो गया। इसके बाद कुत्ता एक कोने में दुबक गया, तेंदुआ दहाड़ने लगा।

तेंदुए की दहाड़ सुनकर पहुंचे परिजनों ने बाहर से कमरा बंद कर दिया। दरवाजा बंद होने के बाद तेंदुआ भी डर गया। कुत्ता और तेंदुआ अलग-अलग कोने में दुबके रहे। लोगों के मौके पर पहुंचने पर तेंदुआ खिड़की पर पंजा मारकर दहाड़ता रहा। लेकिन कमरे में साथ में मौजूद कुत्ते पर हमला नहीं किया।

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