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उत्तराखंड : AIIMS के डाॅक्टरों ने इस युवक को दिया जीवनदान, की न्यूरो की जटिल सर्जरी

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ऋषिकेश : अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने राजस्थान निवासी एक युवक का जटिल न्यूरो ऑपरेशन कर उसे नया जीवन दिया है। न्यूरो की जटिल समस्या के चलते युवक पिछले तीन साल से अपने पैरों पर नहीं चल पाता था। उसका पूरा शरीर सुन्न पड़ गया था। उसे घर के लोग उठाकर एक से दूसरी जगह ले जाते थे।

राजस्थान के कंकोली गांव निवासी 27 साल के युवक को न्यूरो संबंधी दिक्कतों के चलते पिछले तीन वर्षों से पांव से चलने-फिरने में तकलीफ रहती थी। न्यूरो की जटिल बीमारी से ग्रसित युवक का सीने से नीचे का पूरा शरीर सुन्न पड़ गया था। उसके शरीर के निचले हिस्से में हरवक्त दर्द बना रहता था। जिस पर किसी भी दवा का कोई असर नहीं होता था। डॉक्टरों के अनुसार युवक का पिछले एक वर्ष से शौच व पेशाब का कंट्रोल भी खत्म हो गया था। युवक ने राजस्थान के कई अस्पतालों में अपना उपचार किया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला।

इसके बाद युवक ने जयपुर व दिल्ली के कई बड़े अस्पतालों में ​से अपना उपचार कराया, मगर नतीजा सिफर रहा। युवक ने बताया कि उसने जहां भी न्यूरो सर्जन से परीक्षण कराया, सभी ने उसके ऑपरेशन में बड़ा रिस्क बताकर टाल दिया। साथ ही उसे बताया गया कि उसके पैरों में जीवनभर लकवे की शिकायत बनी रहेगी और वह कभी भी अपने पैरों पर नहीं चल पाएगा। सभी अस्पतालों से मायूस हो, थक-हारकर आखिरकार युवक ने अपने इलाज के लिए ऋषिकेश एम्स की ओर रुख किया। यहां न्यूरो सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने युवक का एमआरआई कराया, जिसमें मरीज की स्पाइनल काॅर्ड में गांठ पाई गई। जिसके बाद एम्स के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उसके ऑपरेशन का निर्णय लिया।

जटिल सर्जरी के बाद चिकित्सकों ने युवक की स्पाइनल कॉर्ड में बनी गांठ को निकाल दिया। एम्स में सफलतापूर्वक सर्जरी के बाद युवक 4 से 5 दिनों में हल्के सहारे के साथ अपने पैरों पर चल पा रहा है, साथ ही उसके पेशाब का कंट्रोल भी आ गया है। विशेषज्ञों ने बताया कि जल्द ही युवक सामान्य जीवनयापन करने लगेगा। सफलतापूर्वक हाईरिस्क सर्जरी को अंजाम देने वाली टीम में न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर राधेश्याम मित्तल, डा. रजनीश कुमार अरोड़ा,राजशेखर शामिल थे, साथ ही न्यूरो एनेस्थिसिया विभाग की टीम ने सहयोग किया।

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