उत्तराखंड में बड़ा खुलासा : दर्जनभर से अधिक जनप्रतिनिधि और अधिकारी-कर्मचारी घोटाले में लिप्त

सितारगंज (मो. इमरान) : सितारगंज के शक्तिफार्म नगर पंचायत में राजीव आवास घोटाले की जांच हाई कोर्ट के आदेश के बाद उपजिलाधिकारी ने  पूरी कर जिला अधिकारी को सौंपी थी. जिसके बाद जिला अधिकारी कार्यालय से जांच की प्रतियां याचिकाकर्ताओं के आवास पर पहुंची. जिसमे जांच में दोषी पाए जाने वालों की लंबी लिस्ट सामने आई है.

राजीव आवास घोटाले में जनप्रतिनिधियों से लेकर कई अधिकारी

शक्तिगढ़ नगर पंचायत आवास घोटाला में हाईकोर्ट के बाद प्रशासन ने जांच पूरी कर दी है. उच्च न्यायालय ने उधम सिंह नगर जिला अधिकारी को राजीव आवास घोटाले में जांच के आदेश दिए थे जिसके बाद जिला अधिकारी द्वारा उप जिला अधिकारी सितारगंज को जांच के आदेश दिए गए थे, जिसके बाद सितारगंज उप जिलाधिकारी में जांच कर रिपोर्ट उधम सिं ह नगर जिला अधिकारी को भेजी थी जिसमें राजीव आवास घोटाले में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों को दोषी पाया गया हैं.

कितने रुपए अवमुक्त किए गए हैं इसकी रिपोर्ट भी जिलाधिकारी द्वारा मांगी गई है

बता दें उच्च न्यायालय में याचिकाकर्ता रमेश राय और प्रेम कुमार अरोरा को जिला अधिकारी कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ है जिसमें शक्तिगढ़ नगर पंचायत राजीव आवास में घोटाले की पुष्टि की गयी है. यही नहीं राजीव आवास घोटाले में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी वर्तमान अधिशासी अधिकारी पालिका के लिपिक बाबू अवर अभियंता सहित नगर पंचायत अध्यक्ष और सभासदों और राजीव आवास बनाने वाले ठेकेदारों और बैंक मैनेजर को दोषी पाया गया है. जिलाधिकारी की तरफ से बनाए गए आदेश में अधिशासी अभियंता ग्रामीण निर्माण विभाग उधम सिंह नगर को यह भी निर्देशित किया गया है कि कितने रुपए अवमुक्त किए गए हैं इसकी रिपोर्ट भी जिलाधिकारी द्वारा मांगी गई है।

दर्जनभर से अधिक जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारी घोटाले में लिप्त

शक्ति फार्म नगर पंचायत क्षेत्र के रहने वाले प्रेम कुमार अरोड़ा और रमेश राय ने शक्तिगढ़ नगर पंचायत राजीव आवास घोटाला होने के संबंध में उच्च न्यायालय में 2016 में पीआईएल दाखिल की थी जिसके बाद हाईकोर्ट ने जिला अधिकारी उधम सिंह नगर को जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के आदेश दिए थे जिसके बाद जिलाधिकारी ने सितारगंज उप जिला अधिकारी को राजीव आवास जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद उप जिला अधिकारी के द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई थी जिसमें दर्जनभर से अधिक जनप्रतिनिधि और अधिकारी कर्मचारी घोटाले में लिप्त पाए गए हैं जिला अधिकारी कार्यालय की तरफ से याचिकाकर्ताओं को पत्र प्राप्त हुए हैं जिसमें इसकी पुष्टि की गई है।

याचिका कर्ताओं ने बताया अपनी जान को खतरा

याचिका कर्ताओं ने नगर पंचायत अध्यक्ष सत्ताधारी पार्टी के होने की वजह से शक्ति फार्म चौकी में जानमाल का खतरा बताते हुए तहरीर भी सौंपी है। याचिकाकर्ताओं का मानना है कि अभी तक जो जांच में पुष्टि हुई है और घोटाला सामने आया है इनसे वह पूरी तरह संतुष्ट हैं लेकिन आगे घोटाले में लिप्त लोगों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की भी मांग की है।

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