उत्तराखंड : पहले पड़ी कोरोना की मार, अब न्यू ईयर पर इस फैसले ने तोड़ी कमर

 

देहरादून: लॉकडाउन की वजह से पहले ही करोड़ों रुपये का नुकसान झेल चुके होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को देहरादून जिला प्रशासन ने नए साल पर एक और झटका दिया है। जिला प्रशासन के इस फरमान ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। जिला प्रशासन ने नए साल के मौके पर पार्टियों पर बैन लगा दिया है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट संचालक खासे हताश हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजधानी देहरादून में नए साल पर होटल या रेस्टोरेंट में किसी भी तरह की पार्टियों का आयोजन नहीं होगा।

जिला प्रशासन के इस फैसले से होटल या रेस्टोरेंट संचालकों को बड़ा झटका लगा है। क्योंकि उन्हें उम्मीद थी किछले करीब नौ महीनों से पटरी से उतर चुकी उनकी आर्थिक व्यवस्था नए साल पर थोड़ी बहुत पटरी पर आती, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने 31 दिसम्बर की रात होटल-रेस्टोरेंट्स और बार में पार्टियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। देहरादून के होटल संचालक हरीश विरमानी ने जिला प्रशासन के इस फैसले आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पार्टियों पर बैन लगा कर कोरोना संक्रमण के रोक-थाम का प्रयास तो जरूर कर रही है, लेकिन जिस तरह नए साल के जश्न के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक देहरादून और मसूरी का रुख कर रहे हैं उससे कोरोना संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ गया है।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार और जिला प्रशासन कोरोना संक्रमण पर इतना ही अंकुश लगाना चाहती है तो उसे बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है या नहीं इस पर भी नजर रखनी चाहिए। वहीं, देहरादून के मशहूर ब्लैक पेपर रेस्टोरेंट के मैनेजर महावीर सिंह रावत का कहना है कि हर साल क्रिसमस और न्यू ईयर पर तकरीबन दो से तीन लाख रुपये का पार्टियां होती थीं, लेकिन इस बार सब शून्य हो गया।

जिलाधिकारी द्वारा 24 दिसम्बर को ही नए साल पर होटल, रेस्टोरेंट और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले कार्यक्रमों की अनुमति नही दी है, जिसके चलते देहरादून एसएसपी जिलाधिकारी के आदेश का पालन करते हुए जनपद के सभी सीओ और थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि नए साल पर होने वाले कार्यक्रमों पर पैनी नजर बनाए रखेगे और अगर कही पर भी पार्टी आयोजित होती है तो होटल संचालक और पार्टी संचालक के खिलाफ आपदा अधिनियम के तहत मुकदमा कर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी के आदेश के बाद ही आबकारी विभाग भी सक्रिय हो गया है और आबकारी विभाग द्वारा 24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत आबकारी विभाग द्वारा नए साल के मौके पर रेस्टोरेंट में अगर अवैध शराब परोसी जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। हालांकि पिछले दिनों से चल रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग द्वारा दो रेस्टोरेंट पार्टी के दौरान बिना लाइसेंस के शराब परोसने पर संचालक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कोरोना काल में सरकार और प्रशासन के आदेशों के बाद 31 दिसंबर को पार्टी ना करने की हिदायत दी गई है।अब देखने वाली बात यह होगी कि यदि कोई भी 31 दिसंबर को पार्टी करता हुआ दिखाई देगा तो पुलिस प्रशासन आखिर उस पर क्या कार्रवाई करता है।

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