5 साल पूरे करने वाले BJP के पहले CM Dhami, तोड़ा एनडी तिवारी का रिकॉर्ड

उत्तराखंड की सियासत में सत्ता तो बहुत लोगों के पास रही पर उसे बरकरार कम ही लोग रख पाए। अब तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के पद पर लंबे वक्त तक रहने का रिकॉर्ड पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के नाम था। हालांकि अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उसे तोड़कर अपने नाम करने जा रहे हैं। आज 4 जुलाई 2026 को सीएम धामी ने एनडी तिवारी का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
उत्तराखंड में बदले कई मुख्यमंत्रियों के चेहरे
इस बात को तो झूठलाया नहीं जा सकता कि उत्तराखंड में जितने विधानसभा चुनाव नहीं हुए उससे कहीं अधिक इस राज्य में मुख्यमंत्रियों के चेहरे बदले गए है। राज्यगठन के बाद से उत्तराखंड में सरकारें बदली, चेहरे बदले लेकिन पूरे पांच साल का मुख्यमंत्रित्व काल एक ही मुख्यमंत्री के हिस्से आया था।

राज्य में अब तक 10 अलग-अलग मुख्यमंत्री
राज्य गठन के बाद से उत्तराखंड ने अब तक 10 अलग अलग मुख्यमंत्री देखे हैं। फिर चाहे वो राज्य के सबसे पहले मुख्यमंत्री नित्यानंद स्वामी हो जिन्होंने 11 महीने और 20 दिन सत्ता संभाली थी। या फिर नारायण दत्त तिवारी जो अब तक के अकेले ऐसे मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने 5 साल 5 दिन तक मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था।
CM Dhami ने तोड़ा एनडी तिवारी का रिकॉर्ड
इसके अलावा हमारे राज्य में ऐसे मुख्यमंत्री भी हुए जिन्हें सत्ता सिर्फ 3 महीने ही नसीब हो पाई। लेकिन अब सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी इस धारणा के साथ ही नारायण दत्त तिवारी का सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड तोड़ दिया हैं। ऐसे में सीएम धामी बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री भी होंगे जो 5 साल तक सीएम की कुर्सी संभाले रहे।
पांच साल पांच दिन रहा एनडी तिवारी का कार्यकाल
आपको बता दें कि एनडी तिवारी का कार्यकाल पांच साल पांच दिन यानी 1831 दिन का रहा। दो मार्च 2002 से सात मार्च 2007 तक एनडी तिवारी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का पद संभाला। सीएम धामी का बतौर मुख्यमंत्री पांच साल पांच दिन का ये कार्यकाल 4 जुलाई को पूरा हो गया है।

साल 2021 में मिली सीएम धामी को राज्य की कमान
2022 विधानसभा चुनाव से पहले जुलाई 2021 में राज्य की कमान पुष्कर सिंह धामी को ही मिली। चार जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। 2022 विधानसभा चुनाव के बाद से भी पुष्कर सिंह धामी लगातार अपनी जिम्मेदारी संभालते आ रहे हैं। बतौर मुख्यमंत्री उनका कार्यकाल चार जुलाई को उन्हें पांच साल पूरे हो जाएंगे। ऐसे में उन्होंने एनडी तिवारी के पांच साल के कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तो वहीं नौ जुलाई को सीएम का एनडी तिवारी के पांच साल पांच दिन के कार्यकाल से अधिक हो जाएगा।
मजबूत फैसलों से बनाई पहचान
राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कुर्सी को मजबूती से पकड़े रखने के लिए जो रास्ता चुना वो हार्ड डिसीजन का था। यानी सख्त फैसलों का रास्ता। ऐसे फैसले जिसमें पिछले मुख्यमंत्री नीतियों के बीच फंसकर रह जाते थे। वहां धामी ने साहसिक फैसले लिए और उनको पूरा करके दिखाया।
नकल विरोधी कानून से लेकर UCC तक
नकल विरोधी कानून से लेकर भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, धर्मांतरण विरोधी कानून, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेस को लेकर तो सीएम धामी लगातार सुर्खियों में रहते हैं। धामी सरकार का सबसे बड़ा फैसला था यूनिफॉर्म सिविल कोड।
ये सभी ऐसे मुद्दे थे, जिन्हें लेकर पहले सिर्फ चर्चा होती थी। लेकिन सीएम धामी ने उन्हें हकीकत में बदल दिया। इन फैसलों ने उन्हें सिर्फ प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहने दिया। बल्कि केंद्रीय नेतृत्व की नजर में भी वे प्रयोग करने वाले सीएम बनकर उभरे। अब बीजेपी शासित अन्य राज्यों के साथ ही केंद्र सरकार भी इसे लागू करने पर विचार कर रही है।
5 साल पूरे करने वाले BJP के पहले CM Dhami
बीजेपी के लिए ये उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उत्तराखंड में बीजेपी का इतिहास रहा है कि वो मुख्यमंत्रियों को बार बार बदलती रहती है। भगत सिंह कोशयारी, बीसी खंडूरी, रमेश पोखरियाल निशंक, त्रिवेंद्र सिंह रावत तीरथ सिंह रावत ये सभी वो नेता है जिनके कार्यकाल बीच में ही समाप्त हो गए थे। ऐसे में सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी बीजेपी के ऐसे पहले नेता बनने जा रहे हैं जो बीजेपी को लेकर अस्थिरता वाली सोच को भी तोड़ते दिख रहे हैं।