उत्तराखंड: फोन आता है पर दवाई नहीं मिलती, मजबूरी में उठाना पड़ रहा ये कदम

हरिद्वार: कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना के मामले बढ़ने के साथ ही अस्पताल लगभग फुल हो चुके हैं। दूसरी स्थिति यह है कि कई लोग अस्पताल आना ही नहीं चाहते या फिर डाॅक्टर की सलाह पर होम आइसोलेशन में रहकर घर पर ही इलाज करा रहा हैं। हैरानी की बात यह है कि रिपोर्ट पाॅजिटिव आने के बाद होम आइसोलेट मरीजों को कोरोना किट नहीं मिल पा रहा है।

आलम यह है कि कोरोना मरीजों को स्वास्थ्य विभाग से फोन तो आता है, लेकिन दावा की किट नहीं पहुंचती है। मजबूरन लोगों को या खुद बाजार जाकर दवा लानी पड़ रही है या फिर किसी से मंगवानी पड़ रही है। कोविड जांच कराने और रिपोर्ट लेने ही नहीं बल्कि होम आइसोलेट अधिकतर मरीजों को दवाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। पॉजिटिव मरीजों को दिनभर कभी स्वास्थ्य विभाग तो कभी पुलिस और कभी तहसील से फोन आ रहे हैं, लेकिन दवा पहुंचाने के नाम पर चुप्पी साध रहे हैं।

दवाएं समय पर नहीं मिलने से अधिकतर मरीज बाजार से दवाएं खरीदने को मजबूर हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के कोविड मरीजों की जांच और दवा किट पहुंचाने के दावों की भी पोल खुल रही है। कई मरीजों को फोन कर पॉजिटिव होने की जानकारी तो दे दी गई है, लेकिन रिपोर्ट नहीं है। ऐसे में मरीज आशंकित हैं। मरीजों की आपबीती उनकी जुबानी।

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