
देहरादून: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। तेल कंपनियों ने जांच के बाद 67 हजार गैर कनेक्शन रद्द कर दिए हैं। नियम विरुद्ध कनेक्शन लेने वालों के कनेक्शन रद्द कर दिए हैं। ये कनेक्शन ऐसे उपभोक्त्ओं के हैं, जिन्होंने यह कनेक्शन उन उपभोक्ताओं के हैं, जिनके घरों में एक से अधिक गैस कनेक्शन हैं। देहरादून के 35 हजार कनेक्शनों में से 10 हजार रद्द किए गए हैं।
2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का शुभारंभ किया था। इसका मकसद उन महिलाओं को धुंएं से मुक्ति दिलाने का था, जो लकड़ी, कैरोसीन या फिर कोयले की भट्टी से खाना बनाते थे। पिछले तीन साल में उत्तराखंड में 3.55 लाख परिवारों को इस योजना के तहत कनेक्शन दिए गए।
देहरादून में पात्रता के दायरे में आने वाले 35700 परिवारों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए।योजना में फर्जीवाड़े की शिकायतें मिलने पर केंद्र सरकार ने इंडियन ऑयल, बीपीसी और एचपीसी तेल कंपनियों को योजना के तहत लाभान्वित परिवारों के प्रत्येक सदस्यों के आधार कार्ड लिंक करने का आदेश जारी किया। प्रदेश में 67 हजार कनेक्शन ऐसे हैं, जिनके घर में पहले से ही गैस कनेक्शन है। इनमें 10 हजार कनेक्शन दून के हैं। कंपनियों की ओर से ऐसे कनेक्शनों को निरस्त कर दिया गया।
