बड़ा खुलासा : शाह ने मनीष खंडूरी को रोकने का बनाया था प्लान, लेकिन इस कारण फिरा पानी

देहरादून। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को राजनीति का चाणक्य कहा जाता है…विपक्षी दलों और पार्टी नेताओं की राजनीति को अमित शाह इशारों में भांप लेते हैं। 2014 में यूपी जब अमित शाह को लोकसभा चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी मिली थी, तब सभी ने यही सोचा था कि बीजेपी को यूपी में 30 से 40 सीटें अमित शाह ज्यादा से ज्यादा जिता पाएंगे लेकिन अमित शाह यूपी में भाजपा को 73 सीट जिताने में कामयाब हुए थे…इस बार के लोकसभा चुनाव में पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के पास यूपी की 80 ही नहीं बल्कि देश की 545 लोकसभा सीटों पर सियासी समीकरण को भांपते हुए प्रत्याशी उतारने और जिताने की जिम्मेदारी है लेकिन इस बार के चुनावी रणनीति में अमित शाह कुछ मौकों पर फिसलते हुए नजर आ रहे हैं और उत्तराखंड की पौड़ी लोकसभा सीट पर बदले समीकरणों से ये साबित होता हुआ दिखाई दे रहा है।

कांग्रेस के मास्टर स्ट्रोक ने पौड़ी लोकसभा सीट पर भाजपा की सियासी गणित को बिगाड़ा

जी हां पौड़ी लोकसभा सीट देश की ऐसी सीटों में शुमार है जहां अन्य दलों के मुकाबले भाजपा का बोलबाला लोकसभा चुनावी में जीत की गांरटी का ज्यादा रहता है लेकिन इस बार ये गांरटी मझदार में फंसती हुई नजर आ रही है क्योंकि कांग्रेस के मास्टर स्ट्रोक ने पौड़ी लोकसभा सीट पर भाजपा की सियासी गणित को बिगाड़ा ही नहीं बल्कि भाजपा को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे पौड़ी सीट पर भाजपा जीत दर्ज कर सकती है.

अमित शाह ने मनीष खंडूरी को कांग्रेस में जाने से रोकने के लिए अंतिम समय तक कोशिश की

खैर भाजपा के लिए अब पौड़ी सीट को जीतना किसी चुनौती से कम नहीं है लेकिन इस सीट को आसानी से निकालने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने मनीष खंडूरी को कांग्रेस में जाने से रोकने की अंतिम समय तक कोशिश की. सूत्रों की माने तो अमित शाह ने राष्ट्रीय भाजपा नेताओं के जरिए मनीष खंडूरी जो अब कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं उन्हें रोकने के भरपूर प्रयास किए।

टिकट का भी दिया अश्वासन

उत्तराखंड के भाजपा नेता भले ही मनीष खंडूरी को 5 रूपये का कार्यकर्ता तक न बता रहे हों लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भी इस बात का अंदाजा है कि मनीष खंडूरी के कांग्रेस में जाने के क्या माईने हैं. यही वजह है कि 16 मार्च के दिन अमित शाह ने मनीष खंडूरी के साथ दिल्ली में पत्रकार वार्ता करने का मन बनाया था.

15 मार्च की देर रात तक भाजपा नेता मनीष खंडूरी को कांग्रेस में जाने से रोकते रहे-सूत्र

सूत्रों की मानें तो 15 मार्च की देर रात तक भाजपा नेता मनीष खंडूरी को कांग्रेस में जाने से रोकते रहे हैं। भाजपा का प्लान था कि मनीष को किसी भी तरह से कांग्रेस में जाने से रोक जाए और कांग्रेस ने जो हल्ला मनीष के शामिल होने को लेकर किया था उसका जवाब 16 मार्च की सुबह 8 बजे अमित शाह और मनीष खंडूरी की संयुक्त प्रेस कांफ्रेस कर दिया जाए कि मनीष खंडूरी भाजपा में ही। मनीष खंडूरी को भाजपा ने पौड़ी लोकसभा सीट से टिकट का अश्वासन भी दे दिया था,लेकिन मनीष खंडूरी ने जो वादा कांग्रेस के साथ कर लिया था मनीष उस वादे से बिल्कुल भी डिगे नहीं और ये बात राहुल गांधी के साथ दिल्ली में कांग्रेस के बड़े नेताओं तक को पता चल गई थी कि भाजपा नेता मनीष को रोकने का हर संभव प्रयास कर रहे है. यही वजह रही कि राहुल गांधी ने परेड ग्राउंड में मनीष की मौजूदगी को भी खास शब्दों में बयां किया।

रात के अंधेरे में रात 2 बजे दिल्ली से देहरादून को निकले थे खंडूरी ताकि

संयोग भी 15 मार्च की शाम को ऐसा बना कि मनीष दिल्ली से जिस फ्लाईट से देहरादून को आने वाले थे पहले तो उसमें देरी हुई और फिर दिल्ली से देहरादून के लिए जो ट्रेन आती है उसमें भी देरी हुई और इस बीच भाजपा के आला नेता मनीष खंडूरी को मनाने का समय और ज्यादा मिलता रहा लेकिन मनीष खंडूरी ने अपने कदम डगमगाए नहीं। भाजपा की लगातर मनाने की कोशिशों से कुछ हद तक मनीष खंडूरी भी असहज नजर आ रहे थे, इसी असहजता को देखते हुए मनीष खंडूरी दिल्ली को रात के अंधेरे में रात 2 बजे दिल्ली से देहरादून को निकल गए ताकि कोई और भाजपा नेता अंतिम समय में उन्हें और मनाने की कोशिश न करे।

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