उत्तराखंड : एक बिस्कुट के पैकेट ने ली मासूम छात्र की जान, स्कूल प्रशासन ने चुपचाप दफना दिया

देहरादून : क्या इंसान की जान की कीमत इतनी सस्ती है कि एक बिस्कुट के पैकेट के लिए छात्र की जान चली गई. जी हां ऐसा ही हुआ है देहरादून, रानीपोखरी थाना अंतर्गत भोगपुर स्थित चिल्ड्रन होम ऐकेडमी में…जहां सातवीं कक्षा के छात्र की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने स्कूल के प्रबंधक, वार्डन व व्यायाम शिक्षक सहित दो बालिग छात्रों को गिरफ्तार किया है। छात्र की गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने एक बिस्कुट का पैकेट चोरी किया था.

घटना की खबर लगी तो खुद बाल आयोग की अधयक्ष जांच करने पहुंची थी

मामला 10 मार्च का है. मामला इतना संगीन था कि बाल आयोग ने भी इसका संज्ञान लिया बाल आयोग की अध्यक्ष को भी जब इस घटना की खबर लगी तो खुद बाल आयोग की अधयक्ष जांच करने पहुंची थी. बाल आयोग की टीम ज़ब इस स्कूल में पहुंची तो हैरान रह गयी. इस स्कूल में 403 बच्चे पढ़ते है. उन बच्चो को जो खाना खिलाया जा रहा था वो जानवरों के खाने से भी बत्तर था. उनको स्कूल प्रशाशन जो बता रहा था उस पर बाल आयोग को यकीन नहीं हुआ इस मामले की तह तक बाल आयोग ने जाकर बड़ा खुलासा किया ओर हकीकत सबसे सामने आ गयी कि कैसे उस मासूम को मारा गया था.

पीटकर हत्या, स्कूल प्रशासन ने बताया कि फूड प्वाइजिंग के कारण हुई मौत

10 मार्च 2019 को थाना रानीपोखरी चिल्ड्रनहोम  ऐकैडमी में पढ़ने वाले 12 वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में  एकेडमी की भूमिका  संदिग्ध पाई गई। और बच्चों से पूछताछ करने पर आयोग की अध्यक्ष ने पाया कि बच्चे के साथ मारपीट की गई थी जिस कारण उसकी मौत हुई। आयोग की अध्यक्ष ने थानाध्यक्ष रानी पोखरी से पूरे मामले की जानकारी मांगी तो थानाध्यक्ष रानी पोखरी पी डी भट्ट ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पता चलने के बाद कार्रवाई करने की बात कही. वहीं जब मृतक छात्र की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें साफ तौर पर चोट के निशान शरीर पर दिखाई दिए जाने की पुष्टि डॉक्टरों ने की। और भारी मात्रा में शरीर से खून बह जाने के कारण बच्चे की मौत होने का भी जिक्र रिपोर्ट में किया गया. जबकि विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस व छात्र के परिजनों को फूड प्वाइजिंग के कारण उसकी मौत होने की जानकारी दी थी।

2 छात्रों के साथ ही एकेडमी के वार्डन पीटी टीचर और एक अन्य व्यक्ति गिरफ्तार

पुलिस की कार्यवाई शक के दायरे में आई तो पुलिस के आला अधिकारियों के भी हाथ पांव फूल गए बाल आयोग के कहने पर पुलिस फिर हरकत में आई और एकेडमी में पढ़ने वाले 2 छात्रों के साथ ही एकेडमी के वार्डन पीटी टीचर और एक अन्य व्यक्ति को इस हत्या में लिप्त पाते हुए गिरफ्तार किया गया.

अब पुलिस द्वारा मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है मर्तक बच्चे का नाम वासु यादव पुत्र झपपु यादव निवासी विवेकानन्द कुष्ट आश्रम दिल्ली रोड हापुड फाटक मेरठ उ0प्र0  आन्तरिक चोट के कारण आन्तरिक रक्त स्त्राव से मृत्यु हुई है

बाल संरक्षण आयोग ने मामले का संज्ञान में लेते हुए एसएसपी देहरादून से इस बारे में जानकारी मांगी तो एसएसपी ने तत्काल विवेचना के निर्देश दिये. विवेचना में सामने दिनांक 10.मार्च 2019 रविवार को सभी बच्चे हॉस्टल से चर्च गये थे। जिसमे वासु नाम का लडका भी चर्च गया था। रास्ते मे वासु के द्वारा लेखपाल सिंह रावत की दुकान पर बिस्कुट का पैकेट चोरी कर लिया था जिसकी सूचना लेखपाल सिंह द्वारा चर्च मे जाकर वहा के सम्बन्धित स्टाफ को दी गयी.

स्टाफ द्वारा वासु को डांटा गया और सभी बच्चो को बिना अनुमति के आउटपास जाने से रोकने को कहा गया.

स्टाफ द्वारा वासु को डांटा गया और सभी बच्चो को बिना अनुमति के आउटपास जाने से रोकने को कहा गया. इस पर सिनियर छात्र शुभांकर और लक्ष्मण जो 12 वी कक्षा के छात्र है..ने हॉस्टल आकर वासु के साथ क्रिकेट के बैट और विकेट से मारपीट करनी शुरू कर दी इतना ही नही उसको पीटने के बाद छत मे ले जाकर ठन्डे पानी से नहलाया और गन्दा पानी तक पिलाया के साथ ही लगातार मारपीट करते रहे।

दोनों अभुयुक्तो ने वासू को डेढ़ से शाम साढ़े 5 बजे तक लगातार खूब पिटाई की थी।

जिसके बाद वासू को बेहोशी की हालत में स्टडी रुम मे छोड दिया था। मारपीट में प्रयुक्त बैट को पीटीआई अशोक के आलमारी में छिपा दिया गया। और विकेट को जहाँ कूँडा जलाते है वहाँ ले जाकर जला दिया। उसके बाद वार्डन अजय ने स्टडी हांल मे बच्चो की गिनती की तो वासू बेहोशी की हालात में बैठा था जिसको उठाने पर वासू उल्टी करने लगा ज्यादा तबीयत बिगडने के कारण स्कूल स्टाफ ने  वासू को अपने स्कूल के वाहन से HIHT अस्तपताल जौलीग्राण्ट ले जाया गया।  जौलीग्राण्ट अस्पताल में चिकित्सको के ने वासू को मृत घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है

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