उत्तराखंड : सरकारी-निजी चीनी मिलों पर गन्ना किसानों की 6 अरब की बकायेदारी

हल्द्वानी : राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत होने का दावा करने वाली डबल इंजन सरकार ने पेराई सत्र के 3 महीने बाद भी गन्ना किसानों का कोई भुगतान नहीं किया है। इस वर्ष सरकारी और निजी चीनी मिलों के ऊपर गन्ना किसानों की 6 अरब 10 करोड़ की बकायेदारी है। जिसमें से गन्ना किसानों को 1 रुपया भी भुगतान नहीं हो पाया है। यही नहीं पिछले वर्ष की हरिद्वार जिले की निजी चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का अलग से 2 अरब बकाया है।

सरकार इस वर्ष गन्ना किसानों का भुगतान करना तो दूर पिछले वर्ष के गन्ने के बकाया भुगतान भी नहीं करा पाई है। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री गणेश उपाध्याय का कहना है कि किसानों के कर्ज के लिए दिए गए क्रेडिट कार्ड से 7% ब्याज वसूला जा रहा है जबकि पिछले 2 सालों से गन्ना किसानों का 9 अरब सरकार के पास है, उसका बोनस देना तो छोड़ मूल रकम भी किसानों को वापस नहीं की जा रही है।

किसान की आय दुगनी करने का दावा करने वाली डबल इंजन सरकार में अब तक बैंकों के कर्ज तले 10 किसानों ने आत्महत्या कर ली है। अगर सरकार ने जल्द गन्ना किसानों का भुगतान नहीं किया तो कांग्रेस किसानों को साथ लेकर आंदोलन करेगी.

वही गन्ना आयुक्त ललित मोहन रयाल का कहना है कि शासन स्तर पर गन्ना किसानों की बकायेदारी  को लेकर अवगत करा दिया गया है, जल्द सरकार और शासन स्तर पर निर्णय लेकर गन्ना किसानों का भुगतान कर दिया जाएगा। जहां तक पिछले वर्ष के हरिद्वार के निजी चीनी मिलों के बकाया भुगतान की बात है तो सरकार द्वारा प्राइवेट चीनी मिलों को डेढ़ सौ करोड़ का सॉफ्ट लोन देने की सहमति जताई गई है। जिससे कि गन्ना किसानों का बकाया भुगतान किया जा सके।

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