उत्तराखंड : रक्षाबंधन से पहले 3 भाई-बहन मलबे में जिंदा दफन, मां गई थी मायके, पिता की ऐसे बची जान

नई टिहरी : रक्षाबंधन का इंतजार हर भाई बहन को है। बहन भाई की कलाई में राखी बांधने के लिए बाजारों से रंग बिरंगी रखियां खरीद रही है। 3 तारीख का हर भाई बहन को इंतजार है। लेकिन भाई की कलाई में राखी बांधने का सपना हिंडोलाखाल निवासी दो बहनों की मलबे मे जिंदा दफन हो गया। जिसने ये भयानक तस्वीर देखी हर किसी का दिल सहम गया। आपको बता दें कि रक्षाबंधन से ठीक पहले ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर हुए दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के तीन भाई बहन (जिसमे साडू भाई की बेटी शामिल है) जिंगा दफन हो गए। आइये आपको विस्तार से बताते हैं आखिर हुआ क्या…

दरअसल बीते दिन ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर हिंडोलाखाल में ऑल वेदर रोड का भारी भरकम पुश्ता टूटकर एक दो मंजिले मकान के ऊपर गिर गया, जिससे कमरे में सो रही तीन भाई बहनों की मलबे में दबकर मौत हो गई। साथ ही पिता धर्म सिंह पत्थरों की चपेट में आ गए। रक्षा बंधन से पहले तीन भाई बहन मलबे में जिंदा दफन हो गए ये सुनकर और ये तस्वीरे देखकर हर किसी की आंखें नम है। रक्षा बंधन से पहले तीन भाई बहनों की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है। जानकारी मिली है कि मृतक बच्चों की मां अपने मायके गई हुई थी। वहीं पुश्ता गिरने की जानकारी गांव वालों ने कंट्रोल रूम को दी। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने मलबे से तीनों भाई बहनों के शव निकाल लिए। मृतकों में धर्म सिंह के दो बच्चे और उनके साडू की एक बेटी शामिल है।

हादसा शुक्रवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे हुआ। जानकारी मिली है कि हिंडोलाखाल के खेड़ागाड गांव के धर्म सिंह जैसे ही शौच के लिए मकान से बाहर निकले कि मकान के ऊपर ऑलवेदर रोड का पुश्ता मलबे के साथ आ गिरा। इस दौरान कमरे में सो रहे तीनों भाई-बहनों जिंदा दफन हो गए। पिता बेसुध हो गए। वहीं टीम ने आकर रेस्क्यू किया।

मृतकों की पहचान धर्म सिंह नेगी का पुत्र अंकित (18) और विनीता (25) के साथ ही उनके साडू देवली निवासी (नरेंद्रनगर) कमल सिंह की लड़की नीलम (18) के रुप में हुई।

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