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घनसाली में नगर पंचायत अध्यक्ष के बयान पर बवाल, आंदोलनकारियों ने जताई कड़ी नाराजगी

घनसाली में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद बिष्ट के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।

अधिकारी और कर्मचारियों में है भय का माहौल: आनंद बिष्ट

बताते चलें आनंद बिष्ट ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा था कि घनसाली में चल रहे धरना-प्रदर्शनों के कारण अधिकारी और कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आंदोलन आने वाले समय में यहां पर अधिकारियों की तैनाती और कार्यप्रणाली पर असर डाल सकते हैं।

आंदोलनकारियों ने किया नगर पंचायत अध्यक्ष के बयान का विरोध

नगर पंचायत अध्यक्ष के इस बयान पर सर्वदलीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष और पूर्व विधायक भीमलाल आर्य समेत कई अन्य आंदोलनकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उत्तराखंड अगर आज एक अलग राज्य के रूप में खड़ा है, तो वह आंदोलनों की ही देन है, और इन आंदोलनों की शुरुआत भी घनसाली की धरती से ही हुई थी।

आंदोलनों से ही निकलता है समस्याओं का समाधान

आंदोलनकारियों ने कहा कि आंदोलनों से ही समस्याओं का समाधान निकला है, और यदि जनप्रतिनिधियों को आंदोलन से दिक्कत है, तो उन्हें जनता की समस्याओं को समय रहते सुलझाना चाहिए, ताकि लोगों को सड़क पर उतरना न पड़े। आंदोलनकारियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष के बयान को जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया है।

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Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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