खुलासा : घाटे में उत्तराखंड परिवहन निगम, फ्री में कराई जा रही लोगों को यात्रा, कंडक्टर का कोटद्वार तबादला

देहरादून : कोरोना की कहर के कारण आर्थिक संकट खड़ा हो गया है जिससे महंगाई चरम पर है। उत्तराखंड में परिवहन निगम वैसे ही घाटे में चल रहा है तो वहीं इस बीच ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा घोटाला सामने आया है। जी हां बता दें कि रोडवेज की दो बसों में सोमवार को फिर से 10 यात्री बेटिकट पकड़े गए हैं। एक बस ऋषिकेश डिपो जबकि दूसरी बस देहरादून ग्रामीण डिपो की है। ऋषिकेश डिपो की बस में कंडकर राजेन्द्र शर्मा व चालक राजीव कुमार थे, चिड़ियापुर से हरिद्वार आ रही थी। इस बस में 6 यात्री बेटिकट मिले। चेकिंग टीम में शामिल एटीआई  संजय सैनी धीर सिंह ने इन दोनों को पकड़ा।  जबकि देहरादून ग्रामीण डिपो की दूसरी बस में चालक रविन्द्र सिंह, कंडक्टर संजय चौहान थे, करगी से चिड़ियापुर आ रही थी। इस बस में 4 यात्री बेटिकट मिले। एटीआई संजय सैनी, धीर सिंह ने इन्हें चेकिंग के दौरान पकड़ा। उन्होंने बताया कि उच्च अधिकारियों को इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है। आरोपियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं चिड़ियापुर से हरिद्वार रूट पर रविवार को भी बस में 19 यात्री बिना टिकट मिले थे। चिड़ियापुर के पास चेकिंग दल के औचक चेकिंग करने पर इस मामले का खुलासा हुआ था। इसके तहत रोडवेज ने हरिद्वार डिपो के कंडक्टर पर कार्रवाई की है। उसे कोटद्वार ट्रांसफर कर दिया गया है। मंडलीय प्रबंधक संचालन संजय गुप्ता ने बताया कि ट्रांसफर के बाद कंडक्टर के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सहायक महाप्रबंधक कोटद्वार द्वारा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बेटिकट यात्रा करवाने वाले कंडक्टर को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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