उधमसिंह नगर पुलिस को नशे के सौदागरों की खुली चुनौती, अभिभावक खुद संभलें वरना…

उधमसिंह नगर (मोहम्मद यासीन): कुमाऊं समेत प्रदेश के दूसरे हिस्सों में नशाखोरी को रोकने की पुलिस की कोशिश नाकाम होती नजर आ रही है। हालांकि देहरादून पुलिस ने पिछले एक सप्ताह में डेढ़ करोड़ से अधिक के नशीने पदार्थ पकड़े हैं, जिनमें स्मैक भी दो बड़ी-बड़ी खेप भी शामिल हैं। लेकिन, उधमसिंह नगर में पुलिस ने जो भी मुहिम चलाई वो फिलहाल पूरी तरह बेअसर नजर आ रही है। पुलिस के तमाम दावो के बावजूद नशे का कारोबार खूब फलफूल रहा है। आलम ये है कि युवा पीढ़ी पूरी तरह से नशे की गिरफ्त में जा रही है।

नशा युवाओं को बर्बाद और तबाह कर रहा

नशा युवाओं को बर्बाद और तबाह कर रहा है। जिस उम्र में बच्चों को खेलना चाहिए था। उस उम्र में बच्चे नशे की गिरफ्त में हैं। नशे के आदी युवा हर कहीं नजर आ जाते हैं। यहां तक की खेल के मैदानों में भी नशे की डोज के निशान आसानी से मिल जाएंगे। खेल के मैदानों और स्कूल, काॅलेजों के आसपास ही नशे का कारोबार सबसे अधिक फलफूल रहा है। नशे के लिए युवा अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं।

नाबालिक बच्चों पर निशाना

भले ही प्रदेश सरकार नशे पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन नशे के सौदागर अब नाबालिक बच्चों को अपना शिकार बनाने पर तुले हुए हैं। उधमसिंह नगर में नशे का काला कारोबार जोरों पर है। आलम यह है कि जिले में बिना रोक टोक के आसानी से नशे का सामान लोगों को मुहैया कराया जा रहा है। जिसके चलते युवाओं के साथ-साथ नाबालिक भी आसानी से नशे का सामान खरीद कर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ करने में तुले हुए हैं।

मौत की ओर ले जाएगा नशा

नशाखोरी पर रोक लगाने के लिए कई बार स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग भी की है। पुलिस ने दावे भी किये। प्रशासन ने भी पुलिस से कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा। पुलिस ने मुहिम भी चलाई, लेकिन नतीजा कुछ खास नहीं निकला। नशे के सौदागर आज भी बेखौफ होकर खुलेआम नशे का कारोबार कर युवाओं की नशों में जहरीला नशा घोलने का काम कर रहे हैं। ऐसा नशा, जो इन युवओं को सीधे ना केवल बर्बादी की ओर ले जाएगा। बल्कि, धेरी-धेरी मौत की राह पर भी धकेल देगा। अगर समय रहते अभिभावक और पुलिस ने काम नहीं किया, तो नशा हर युवा को अपनी आगोश में लेकर बर्बादी की राह पर लाकर खड़ा कर देगा।

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