
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित सम्मान समारोह में भाग लिया। यह कार्यक्रम उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।
राज्य में सभी नागरिकों के अधिकार हो गए समान : CM
सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मान दरअसल उत्तराखंड की जनता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से ही उत्तराखंड में यूसीसी का सपना साकार हो सका। धामी ने कहा कि यूसीसी लागू कर राज्य सरकार ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि दी है। अब राज्य में सभी नागरिकों के अधिकार समान हो गए हैं और समाज में भेदभाव खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।
UCC लागू करने के बाद महिलाओं के अधिकार हुए सुरक्षित
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यूसीसी में महिलाओं के अधिकार सुरक्षित किए गए हैं। लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य करने से बहन-बेटियों की सुरक्षा और मजबूत हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि “यूसीसी की गंगा” उत्तराखंड से पूरे देश में बहेगी। सीएम ने कहा कि राज्य की विचारधारा हमेशा सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकता जैसे मूल्यों पर आधारित रही है।
किसी भी हालत में नहीं बदलने दी जाएगी उत्तराखंड की डेमोग्राफी : CM
सीएम धामी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने का जो निर्णय लिया है, वह बाबा साहेब को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने सख्त दंगारोधी कानून, धर्मांतरण कानून और ऑपरेशन कालनेमी जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। साथ ही उन्होंने दोहराया कि किसी भी हालत में उत्तराखंड की डेमोग्राफी बदलने नहीं दी जाएगी।