Big NewsNational

विमान क्रैश के बाद 2 लोग बचे थे जिंदा, बिपिन रावत ने हिंदी में बताया था अपना नाम, फिर हुआ ये

BIPIN RAWATबीते दिन वायुसेना का MI-17V5 विमान क्रैश हो गया जिसमे सीडीएस बिपिन रावत , उनकी पत्नी समेत 13 लोगों की मौत हो गई है। वहीं जानकारी मिली है कि क्रैश के बाद जनरल बिपिन रावत जिंदा थे। विमान के मलबे से निकाले जाने पर उन्होंने हिंदी में अपना नाम भी बताया था। यह जानकारी बचाव दल के एक सदस्य ने दी। बिपिन रावत के साथ एक अन्य सवार को भी निकाला गया था। बाद में उनकी पहचान ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के रूप में हुई। ग्रुप कैप्टन वरुण का इलाज चल रहा है वो लाइफ सपोर्ट में रखे गए हैं।

हिंदी में धीरे से बात की और अपना नाम बोला-सुरक्षाकर्मी

घटना स्थल पर पहुंचे वरिष्ठ फायरमैन और बचावकर्मी एनसी मुरली ने बताया कि हमने दो लोगों को जिंदा बचाया। इनमें से एक सीडीएस रावत थे। मुरली ने बताया कि जैसे ही हमने उन्हें बाहर निकाला, उन्होंने रक्षा कर्मियों से हिंदी में धीरे से बात की और अपना नाम बोला। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। मुरली के अनुसार, वो तुरंत दूसरे व्यक्ति की पहचान नहीं कर सके जिसे अस्पताल ले जाया गया और उसका अभी इलाज चल रहा है।

 एनसी मुरली ने कहा कि जनरल बिपिन रावत ने बताया कि उनके शरीर के निचले हिस्से में गंभीर चोटें आई हैं। इसके बाद उन्हें चादर में लपेट कर एम्बुलेंस में ले जाया गया। बचाव दल को इस इलाके को बचाव कार्यों में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यहां आग बुझाने के लिए दमकल वाहन को ले जाने के लिए कोई रास्ता नहीं था। मुरली ने कहा कि हमें पास की नदी और घरों से बर्तनों में पानी लाना पड़ता था। ऑपरेशन इतना कठिन था क्योंकि हमें लोगों को बचाने या शवों को निकालने के लिए हेलिकॉप्टर के नुकीले टुकड़ों को अलग करना पड़ा।

मुरली ने बताया कि बचाव कार्य में एक उखड़ा हुआ पेड़ बाधा बन गया। इसे काटना पड़ा। इस सब ने हमारे बचाव कार्य में देरी की।

Back to top button