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टनल हादसा : आठ दिन बाद भी हाथ खाली, मजदूरों का टूट रहा हौसला, पूछ रहे कब निकालोगे बाहर ?

उत्तरकाशी के सिलक्यारा में टनल में फंसे मजदूरों का रेस्क्यू आठ दिन बीत जाने के बाद भी नहीं हो पाया है। आठ दिन बाद भी हाथ खाली हैं। अब मजदूरों का हौसला भी टूटने लगा है। मजदूर लगातार एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें बाहर कब निकाला जाएगा ?

टनल हादसे में आठ दिन बाद भी हाथ खाली

उत्तरकाशी के सिलक्यारा में टनल में मजदूरों को फंसे हुए आठ दिन बीत गए हैं। लेकिन अब तक उन्हें बाहर निकालने में कोई कामयाबी हाथ नहीं लग पाई है। आठ दिन बीत जाने के बाद अब मजदूरों का सब्र का बांध टूटने लगा है। मजदूर बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें बाहर कब निकाला जाएगा ?

मेरा पेट नहीं भर रहा, मुझे जल्दी बाहर निकालो

मुजफ्फरपुर बिहार का रहने वाला दीपक कुमार भी सिलक्यारा सुरंग में फंसे हुए हैं। ये वही मजदूर है जिसके सुरंग में फंसे होने की खबर सात दिन बाद शनिवार को पता चली थी। शनिवार को दीपक के चाचा सिलक्यारा पहुंचे तो उनकी बात पाइपलाइन से उनके भतीजे से कराई गई। तब दीपक ने कहा कि उसका पेट नहीं भर रहा, उसे जल्दी बाहर निकालो।

रेस्क्यू में लग सकते हैं पांच दिन और

जहां एक ओर रेस्क्यू कार्य सात दिन से चल रहा है लेकिन फिर भी कोई कामयाबी हाथ नहीं लग पाई है। सात दिन बीत जाने के बाद अब सामने आ रहा है कि रेस्क्यू में अभी चार से पांच दिन का समय और लग सकता है। दिन बीतने के साथ ही अब मजदूरों का हौसला भी जवाब देने लगा है। मजदूर केवल एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि उन्हें बाहर कब निकाला जाएगा।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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