त्रिवेंद्र सरकार की अनोखी पहल से रुकेगा पलायन, होम स्टे योजना समेत कई योजनाए कारगार साबित

देहरादून : उत्तराखंड में पलायन बड़ी समस्या के रूप में सामने आयी है. जब से उत्तराखंड राज्य अस्तित्व में आया है, तब से निरंतर पलायन बढ़ता ही जा रहा है. पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के हजारों गांव पूरी तरह खाली हो चुके हैं. वहीं 400 से अधिक गांव ऐसे हैं, जहां 10 से भी कम नागरिक हैं. इसका प्रमुख कारण रोजगार, शिक्षा है… लेकिन त्रिवेद्र सरकार ने पलायन को रोकने की ठान ली है है और कई योजनाओं की शुरुआत कर चुकी है और कई योजनाओं की शुरुआत करने जा रही है। त्रिवेंद्र सरकार गांव के लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही है जो की पलायन रोकने के लिए कारगार साबित हो रही है और होगी।

त्रिवेंद्र सरकार दे रही खेती को बढ़ावा

पलायन को रोकने के लिए त्रिवेंद्र सरकार ने खेती को बढ़ावा दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में धीरे-धीरे खेती कम हो गई थी जिसका एक कारण पलायन था लेकिन अब सरकार द्वारा खेती और किसानों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे आने वाले समय में खेती-किसानी की सूरत बदली-बदली नजर आएगी। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने कदम उठाना शुरू कर दिया है।

राज्य के किसानों की आमदनी दोगुनी होगी

त्रिवेंद्र सरकार का दावा है कि अगले चार वर्षों में राज्य के किसानों की आमदनी दोगुनी ही नहीं होगी, बल्कि खेती रोजगार का प्रमुख जरिया बनेगी। इसके लिए सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से काम शुरू कर दिया है। ये योजना जरुर पलायन को रोकने में कारगार साबित हो रही है और होगी।भाजपा सरकार ने पलायन पर रोक लगाने के लिए लोगों को रोजगार देने की शुरुआत की है। इस दिशा में पहला कदम उठाते हुए सरकार ने जिला कृषि अधिकारियों को एक-एक गांव गोद लेने की योजना बनाई है। इन गांवों को मॉडल विलेज के रूप में स्थापित किया जाएगा, जिसमें किसानों से जुड़ी सभी सुविधाएं और जानकारियां उपलब्ध होंगी। सरकार की योजना की तहत बीज उत्पादन, एकीकृत कृषि,एग्री क्लीनिक, ग्रोथ सेंटर की स्थापना की।

होम स्टे योजना रोकेगी पलायन

वहीं खेती के साथ सरकार की ‘होम स्टे’ योजना उत्तराखंड से पलायन रोकने के लिए कारगार साबित होगी। अब तक की सरकारें पलायन रोकने में फेल साबित हुई है लेकिन त्रिवेंद्र सरकार की अलग औऱ अनोखी योजना पलायन रोकने में कारगार जरुर साबित होगी. और इस पहल का नाम है होम स्टे..जो की सबसे पहले पौड़ी के डीएम ने पहाड़ी अंदाज में होम स्टे बनाकर पहल की शुरुआत की। सीएम त्रिवेंद्र रावत भी पौड़ी जिले से हैं और सीएम ने इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए होम स्टे के लिए व्यपारियों को ब्याज में छूट दी है।

10 लाख रुपये तक छूट दे रही सरकार

जी हां त्रिवेंद्र सरकार ने पहाड़ों से पलायन रोकने और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्टे योजना पर फोकस किया है। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के ठहरने के लिए पहाड़ों में होम स्टे बनाने पर सरकार 33 प्रतिशत यानी 10 लाख रुपये तक छूट दे रही है। इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए पर्यटन विभाग की ओर से प्रदेश भर में शिविर लगाए जाएंगे। सरकार ने 2020 तक प्रदेश में पांच हजार होम स्टे बनाने का लक्ष्य रखा है।

महिलाओं को दिया घर में रोजगार

त्रिवेंद्र सरकार ने पलायन को रोकने के लिए रोजगार को बढ़ावा दिया ताकि लोगों को कमाने के बाहर का रुख न करना पड़े और लोग गांव से पलायन न करें. त्रिवेंद्र सरकार ने महिलाओं को स्वालंबी बनाने के लिए घर बैठे रोजगार का अवसर दिया जिसमे महिलाएं अब घर बैठे एपण, मंडुवे की मिठाई, बिस्कुट का रोजगार कर रही है साथ ही हथकरघे का काम दिया और उन सामानों को बाजार में लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया जिससे लोगों को बाजार में नयी चीज मिली और उत्तराखँड की महिलाओं को रोजगार मिला. महिलाएं घर में ही पहाड़ी टोपी, पहाड़ी जैकेट बनाकर बाजारों में उपलब्ध करा रही हैं जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं और खूब खरीरदारी कर रहे हैं, औऱ लोगों को ये सामान कम कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है।

पर्यटन को बढ़ावा, रुकेगा पलायन

हर साल उत्तराखंड में लाखों पर्यटन यहां बर्फबारी और खूबसूरत वादियों का लुत्फ उठाने आते हैं। जिससे कई लोगों को रोजगार मिलता है साथ ही राज्य की आर्थिक स्थिति सुधरती है। वहीं रोजगार और आर्थिक स्थिति के सुधार को देखते हुए त्रिवेंद्र सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई नई स्कीमों की शुरुआत की है. जिसमे सरकार ने होटल्स, मोटल्स, रिजॉर्ट्स का विस्तार, विरासत होटल्स, योगाा, आयुर्वेद औऱ प्राकृतिक चिकित्सा रिजॉर्ट का विस्तार करने की योजना बनाई।

1 लाख युवाओं को कौशल विकास योजना के तहत रोजगार देने की घोषणा 

उत्‍तराखंड सरकार ने प्रदेश में 2020 तक एक लाख युवाओं को कौशल विकास योजना के तहत रोजगार देने की घोषणा की है जो की पलायन रोकने में कारगार साबित होगा. उत्तराखंड के एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग देकर रोजगार पाने लायक बनाया जाएगा। कौशल विकास तथा सेवायोजन नाम से अलग विभाग का गठन होगा। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में सचिव समिति की हुई बैठक में लिए निर्णयों का बुधवार को एजेंडा जारी कर दिया गया।

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