highlightUttarkashi

उत्तराखंड : BSNL का कारनामा, जहां नेटवर्क ही नहीं आता, वहां दिखा दिए टावर

Breaking uttarakhand news

बड़कोट : बीएसएनएल किसी समय लोगों का सबसे भरोसेमंद नेटवर्क होता था। लेकिन, समय के साथ-साथ बीएसएनएल अपना भरोसा खोता जा रहा है। उसका कारण है अधिकारियों का मनमाना और लापरवाह रवैया। ऐसा ही एक मामला उत्तरकाशी जिले के नौगांव ब्लाॅक में सामने आया है। ब्लाॅक के सरनौल, चपटाड़ी, बचाण गांव, कोटी, मणपा, गंगटाड़ी, मसालगांव और खांड गांव में नेटवर्क की दिक्कत का है। लंबे समय से ग्रामीण बीएसएनएल से मोबाइल टावर लगाने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीण अपनी इसी मांग को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। हर बार आश्वासन तो मिलते हैं, लेकिन काम कभी नहीं हुआ। हाल ही में व्हाट्सएप ग्रुप बड़कोट के सभ्य लोग के जरिए इस मसले को उठाया गया, जिसके बाद कुलदीप रावत और आशीष ममगांई ने डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकाॅम (DOT) को ट्वीट किया था, जिस पर डीओटी ने जवाब भी दिया था।

DOT ने पूरे मामले की जानकारी जिले में बीएसएनएल के आला अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। बीएसएनएल के अधिकारियों ने रिपोर्ट तो भेजी, लेकिन उसमें जो तथ्य भेजे वो बेहद चौंकाने वाले थे। स्थानीय अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र की ही गलत रिपोर्ट मंत्रालय को भेज दी। रिपोर्ट में कहा गया कि सभी गांवों में बीएनएनएल के टावर काम कर रहे हैं। जबकि वास्तविकता यह है कि इन गांवों में टावर तो दूर की बात यहां नेटवर्क तक नहीं आते हैं।

इस पूरे मामले को लेकर लोगों में आक्रोश है। इन दिनों क्षेत्र में लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे आपदा का खतरा भी बना रहता है। मेडिकल इमरजेंसी में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सही समय पर सूचना नहीं मिल पाने के कारण कई बार नुकसान भी उठाना पड़ता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब डख्याटगांव वार्ड से जिला पंचायत सदस्य आनंद राणा ने इस मामले में एसडीएम बड़कोट से अधिकारियों की गलत जानकारी दिए जाने की शिकायत की है। लोगों ने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की भी चेतावनी दी है।

Back to top button