टी.सी.एम.पी. साबित होगा मील का पत्थर – कलराज मिश्र

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सितारगंज- प्रोद्योगिकी केन्द्र प्रणाली टूल रूम  (टीसीएमपी)  क्षेत्र के विनिर्माण में खास कर सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम अद्योगों को तकनीकी एवं एवं कुशल श्रमशक्ति की आवश्यकताओं पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा। ये प्रोद्योगिकी केन्द्र क्षेत्र के सामान्य इंजीनियरिंग तथा आॅटोमोबाइल उद्योगों को तकनीकी सहायता एवं दक्ष श्रमिक सहायता प्रदान करने के साथ ही टूल्स डाइज,मोल्ड और प्रीसिजन कम्पोनेंट आदि के डिजाइन एवं विकास और विनिर्माण के जरिये सहयोग प्रदान करेगा। ये कहना है  केन्द्रीय सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम मंत्री श्री कलराज मिश्र  का। मिश्र ने ये बात उस वक्त कही जब उन्होंने सितारगंज के सिडकुल में टीसीएमपी की नीव रखी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार देश के उद्योगों की सुविधा के लिये पूरे देश में इस साल इस तरह के 15 और तकनीकी केन्द्र खोलेगा। मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि टीसीएम केंद्रों का समयबद्ध तरीके से उद्घाटन किया जायेगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तकनीकी केन्द्र के निर्माण से जहां युवक विभिन्न ट्रेडों में तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न उद्योगों में रोजगार के अवसर प्राप्त करेंगे वही उद्यमियों को हुनरमंद कारीगर आसानी से मुहैय्या हो सकेंगे। वहीं मिश्र ने टीसीएमपी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि  बीएससी, एमएससी, एमटेक और बीटेक प्रशिक्षित भी यहां प्रवेश पाकर अपने तकनीकी हुनर को और काबिल बना सकते हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री ने केंद्र सरकार की मंशा जाहिर करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार  उद्यमियों की सहूलियत के लिये कई कार्यक्रम चला रही है।  प्रदेश में छोटी-छोटी औद्योगिक ईकाइयां स्थापित की जा रही हैं जिसमें इस जिले के काशीपुर में भी एक टूल केन्द्र खोला जायेगा। जिससे क्षेत्र की औद्येगिक बिषमताएं दूर होंगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में उद्योगों के विस्तार के लिये केन्द्र सरकार गंभीर है और उद्योगों के मामले में किसी भी प्रकार की शिकायत का मौका नही दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत केन्द्र सरकार तेजी से कार्य कर रही है । उद्योग स्थापना के कुछ कार्यक्रमों का सरलीकरण कर दिया गया है 14वें वित्त आयोग के तहत उद्योगो कों धनराशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के विकास पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस मौके पर केंद्रीय लघु उद्योग मंत्री ने कलस्टर के रूप में उद्योग विकसित करने के लिये 30 करोड की धनराशि उपलब्ध कराने का ऐलान भी किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री के साथ सूबे के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी मौजूद थे।

 

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