हजारों “बिगड़े चेहरों” को डाॅ. योगी ने दिया “नया चेहरा”, वेटिंग में चल रहे 10 हजार मरीज

देहरादून: प्लास्टिक सर्जन डाॅ. योगी एरन का नाम शायद ही कम लोगों ने सुना होगा, लेकिन डाॅ. योगी एरन ऐसी डाॅक्टर हैं, जो अब तक पांच हजार लोगों की निशुल्क प्लास्टिक सर्जरी कर चुके हैं। जले कटे हजारों मरीजों की फ्री प्लास्टिक सर्जरी कर चुके 83 वर्षीय डॉ. एरन का जज्बा इस उम्र में भी कायम है। उनको पद्मश्री पुरस्कार से नएवाजा गया है। पुरस्कार मिलने के बाद कहा कि उनकी जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है।

1973 में दून अस्पताल में नौकरी

डॉ. योगी एरन को चिकित्सा एवं विज्ञान-इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान दिया जाएगा। उत्तराखंड की तीन विभूतियों को पद्म सम्मान दिया गया। डॉ. योगी एरन ने बताया कि 1973 में जब वे दून अस्पताल में नौकरी कर रहे थे तो पहाड़ से भालू के खाए हुए और जले हुए कई मरीज पहुंचते थे। वे बहुत ही सीधे और सरल होते थे। कई लोगों के पास पैसे तक नहीं होते थे। उन्हें लगा कि इस तरह के लोगों की मदद होनी चाहिए।

दुनिया के सबसे बड़े प्लास्टिक सर्जन साथ काम

दून अस्पताल मेें प्लास्टिक सर्जरी के यंत्र न होने से नौकरी छोड़ दी और अमेरिका जाकर दुनिया के सबसे बड़े प्लास्टिक सर्जन रहे डॉ. मिलार्ड के साथ काम किया। 1984 में गरीब मरीजों की सेवा के लिए फिर देहरादून आ गए। मसूरी रोड पर स्थित जंगलों के बीच पहाड़ी पर कुछ जगह ली। 500 पौधे रोपे और इस जगह को ‘जंगल मंगल’ नाम देकर वहां मरीजों के रहने के लिए भी कमरे बनाए। इसके साथ ही हेल्पिंग हैंड संस्था की स्थापना की और कई साल तक गरीब मरीजों की मुफ्त प्लास्टिक सर्जरी की।

अमेरिका के डॉक्ट रकरते हैं इलाज

वो यहीं नहीं रुके उन्होंने 2006 में अमेरिका की संस्था को उत्तराखंड के गरीब मरीजों की मदद के लिए राजी किया। तब से अमेरिका के प्लास्टिक सर्जनों की टीम हर साल दो बार अत्याधुनिक उपकरणों के साथ सर्जरी के लिए देहरादून आती है। डॉ. एरन अब तक 5 हजार मरीजों की मुफ्त प्लास्टिक सर्जरी कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि अभी भी उनके पास 10 हजार ऐसे मरीजों की वेटिंग हैं, जिनकी निशुल्क प्लास्टिक सर्जरी होनी है। वे राजकीय कोरोनेशन अस्पताल में कार्यरत अपने बेटे डॉ. कुश एरन के साथ आईटी पार्क सहस्त्रधारा स्थित अपार्टमेंट में रहते हैं। सहस्त्रधारा रोड स्थित हेल्पिंग हैंड संस्था के कार्यालय में ऑपरेशन करते हैं।

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