पंचायत चुनावों में जुड़वा बच्चों और गोद लिए बच्चे को लेकर आया ये फैसला

त्रिस्तरीय पंचायत में चुनाव लड़ने वालों के लिए एक अहम फैसला सामने आया है। इसके तहत अब जुड़वा संतान को एक माना जाएगा। शासन ने जुड़वा बच्चों पर राज्य निर्वाचन आयोग के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इस पर आयोग ने सभी जिलों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं।

पंचायत चुनाव लड़ने के लिए दो बच्चों की शर्त पर जुड़वा संतान को लेकर असमंजस की स्थिति बनी थी। इस पर राज्य निर्वाचन आयोग ने जुड़वा बच्चों को लेकर शासन से परामर्श मांगा था। न्याय विभाग से परामर्श लेने के बाद शासन ने स्पष्ट किया कि जुड़वा बच्चों को एक ही माना जाएगा।

इससे जुड़वा संतान वालों को चुनाव लड़ने में राहत मिली है। यदि एक संतान के बाद जुड़वा बच्चों का जन्म हुआ है तो संख्या के हिसाब से तीन बच्चे हैं। ऐसे में दो बच्चों की शर्त को लेकर चुनाव लड़ने वालों में असमंजस बना हुआ था। लेकिन अब शासन ने स्पष्ट किया कि जुड़वा संतान को एक बच्चे में गणना की जाएगी।

वहीं हाईकोर्ट ने धारचूला ब्लॉक के बीडीसी सदस्य पद के दावेदार धन सिंह धामी के नामांकन को तीन बच्चों के आधार पर रद्द नहीं करने के आदेश दिए हैं। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। धन सिंह धामी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उसने जुम्मा बीडीसी क्षेत्र से नामंकन किया है।
उसके दो लड़के हैं। 16 वर्ष पहले उसने एक लड़की को मानवता के नाते गोद लिया था। उसे तीसरा बच्चा मानकर उसके खिलाफ आपत्ति दर्ज की जा रही है और उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है। पक्षों की  सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने धारचूला ब्लॉक के निर्वाचन अधिकारी को याची का नामांकन रद्द नहीं करने का आदेश दिया है।

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