किसानों का ऐलान, केंद्र सरकार के पास आखिरी मौका, दी ये चेतावनी

नई दिल्ली: किसान कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों से केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की आज चैथी बार बातचीत होनी है, लेकिन उससे पहले किसानों ने सरकार से साफ तौर पर कहा है कि सरकार के पास बातचीत का यह अंतिम मौका है. किसानों का कहना है कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द संसद का आपातकालीन सत्र बुलाए और उसमें तीनों नए कृषि कानूनों की जगह नया बिल लाए. किसान आंदोलन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के बीच आज वार्ता होगी.

अपनी रणनीति को चाक-चौबंद करने के लिए दो आंतरिक बैठकों के बाद किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि उनके आंदोलन को केवल पंजाब के किसानों द्वारा चलाए जा रहे विरोध प्रदर्शन न कहे. किसानों ने कहा कि देश भर के किसान अपनी मांगों के लिए एकजुट हैं और जब तक काले कानूनों को वापस नहीं लिया जाता है, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा.

किसानों ने चेतावनी भरे लहजे में कहा है कि यदि तीनों किसान कानूनों को रद्द नहीं किया गया तो वे दिल्‍ली के रास्‍ते ब्‍लॉक कर देंगे. किसानों ने ये भी कहा है कि सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाकर इन कानूनों को रद्द करे अन्यथा किसान दिल्ली ब्लॉक कर देंगे. उन्होंने यह भी कहा है कि सरकार पंजाब के किसानों के अलावा पूरे देश के किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here