हरिद्वार : शिक्षक की गिरफ्तारी पर मचा बवाल, मातृ सदन ने साधा पुलिस प्रशासन पर निशाना

हरिद्वार : भगवान दास संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर निरंजन मिश्रा की गिरफ्तारी को लेकर मातृ सदन ने पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जांच आधिकारी सहित अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मातृ सदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। वहीं संस्कृत के विद्वान आचार्य को गिरफ्तार कर जेल भेज कर नाकामी को छिपाने का प्रयास कर रही है। जबकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि कोविड काल में किसी ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जाए जिसका कोई अपराधिक रिकॉर्ड न हो। लेकिन पुलिस ने भारत सरकार के कर्मचारी प्राचार्य को ड्यूटी के दौरान ही गिरफ्तार कर लिया।

शिवानंद ने कहा कि पूर्व में जांच करने वाले अधिकारियों ने मुकदमा को झूठा बताते हुए एफआर लगाने की बात कही। इसके चलते प्राचार्य भी बेफिक्र थे और पुलिस के बुलाने पर थाने चले गए। जहां पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। स्वामी शिवानंद ने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पर भी निशाना साधा है। उन्होंने कहा कोविड काल में शिक्षक की गिरफ्तारी निंदनीय है। उन्होंने प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम के महंत स्वामी रूपेंद्र प्रकाश पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि वह विद्यालय को खुर्द खुर्द करने का प्रयास कर रहे हैं इसके लिए विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज कराकर विद्यालय को बंद करने प्रयास कर रहे हैं।

वहीं श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन के महामंडलेश्वर एवं प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम के महंत स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सघन जांच के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार किया है। विगत 2 सालों से मामले की जांच चल रही थी। सभी दस्तावेजों का निरीक्षण करने के उपरांत पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार किया गया है साथ ही कहा की प्राचीन अवधूत मंडल आश्रम ने विद्यालय को चलाने  के लिए भूमि आवंटित की थी । लेकिन प्राचीन अवधूत मंडल का अस्तित्व ही मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा समझौते के तहत 5% मालिकाना हक संस्था का भी है इसे नकारा नहीं जा सकता।

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