उत्तराखंड के गांवों में आज भी हैं पंकज जैसे शेर, तेंदुुए को भागना पड़ा उल्टे पांव

उत्तराखंडियों को साहसी औऱ मेहनती की संज्ञा दी जाती है. बात करें उत्तराखंड की महिलाओं की जो रोज सुबह-सुबह गाय पिजाना, घास काटकर लाना, घर की लिपाई करने के साथ बच्चों को स्कूल भेजना घर का सारा काम कर फिर से दिन के खाने के बंदोबस्त में लग जाती हैं…उत्तराखंड की ऐसी महिलाओं को बहादुर औऱ निडर के नाम से भी लोग जानते हैं. लेकिन अब धीरे-धीरे गांव खाली हो रहे हैं…लोग शहरों को ओर दौड़ रहे हैं.

आज भी हैं गांवों में साहसी बच्चे

लेकिन आज भी उत्तराखंड में ऐसे गांव हैं जहा पंकड मेहरा जैसे साहसी बच्चे हैं. जी हां आज हम बात कर रहे हैं बागेश्वर में रहने वाले पंकज सिंह मेहरा की। जिन्होंने अपनी साहस और बहादुरी का परिचय देते हुए तेंदुए को धूल चटा दी और तेंदुआ उल्टे पांव भागने को मजबूर हुआ. पंकज मेहरा इस हमले में घायल हुए लेकिन ये बता दिया कि उत्तराखंडी सच में साहसी होते हैं और जब बात हो गांव की तो बात ही अलग है.

17 साल की उम्र में किया साहसी काम

आपको बता दें मात्र 17 साल की उम्र के पंकज मेहरा तेंदुए से अकेले भिड़ गए जो उन्हें अपना शिकार बनाना चाहता था लेकिन पंकज ने ऐेसे हाथ पैर चलाए की उल्टे पांव भाग गया.

ऐसे हुआ तेंदुए से सामना

मिली जानकारी के अनुसार बीते रविवार को पंकड बकरियां लेकर जंगल में चराने ले गया था…वहीं एक तेंदुआ जंगल में बकरियों पर घात लगाए बैठा था और तेंदुए ने पंकज पर हमला कर दिया। लेकिन पंकज घबराया नहीं बल्कि उसने तेंदुए का सामना करते हुए तेंदुए की दहाड़ को शांत करते भागने पर मजबूर कर दिया. बता दें कि जिस समय तेंदुए ने पंकज पर हमला किया, उस समय पंकज के हाथ में एक दरांती थी। और पंकज ने उसी दरांती से तेंदुए के हमले का जवाब दिया। हमले के दौरान तेंदुए का एक पंजा पंकज के सर पर भी लगा जिससे वह घायल हुए।

वहीं घटना के बाद पंकज सिंह मेहरा का शोर सुनकर मौके पर जंगल पहुंचे ग्रामीणों ने पंकज को मोहन सिंह मेहता सीएचसी बैजनाथ पहुंचाया। जहां अस्पताल प्रभारी एस‌एस गुंज्याल और फार्मेसिस्ट आनंद वर्मा ने प्राथमिक उपचार के बाद पंकज को घर भेज दिया। सूचना मिलते ही वन रक्षक आनंद सिंह परिहार भी अस्पताल पहुंच गए। वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने एवं घायल को उपचार के लिए शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु नौगांव के भूतपूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिलोक बुटोला, जखेड़ा के ग्राम प्रधान ईश्वर परिहार, नैकाना की ग्राम प्रधान प्रेमा परिहार सहित क्षेत्र के तमाम लोगों ने मांग की है।

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