पुलिस कांस्टेबल सुनीता की पेंटिंग पहाड़ में अकेले-बेबस वृद्धों के दर्द को बयां करती है

देहरादून(दीपिका रावत) : सुनीता नेगी की ये पेंटिंग भले ही एक कागज के टुकड़े पर पेंसिल औऱ रंगों से उतारी गई कला है लेकिन ये तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ बयां कर रही है. ये पेंटिंग बताती है कि बूढ़े-बुजुर्गौं के चेहरे पर पड़ी छुर्रियां उनके जीवन के संघर्ष को बताती है कि उन्होंने बच्चों को पढ़ाने लिखाने और नौकरी लगाने के लिए क्या-क्या त्यागा और संघर्ष भरा जीवन जिया.

सुनीता नेगी की इस पेंटिंग की जितनी तारीफ की जाए कम

वहीं उत्तराखंड पुलिस कांस्टेबल सुनीता नेगी ने पहाड़ के इस दर्द को समझा और अपनी पेंटिंग के जरिए अपना दर्द और आंसू कांगज पर उतारा. सुनीता नेगी की इस पेंटिंग की जितनी तारीफ की जाए कम है.  सुनीता नेगी की पेंटिंग बिन बोले बहुत कुछ बोल रही है. सुनीता नेगी की इस पेंटिंग से अकेले पन का दर्द और आंसू साफ महसूस किए जा सकते हैं. जो दर्द बूढ़े-बुजु्र्गों के बच्चे नहीं समझ पाए वो दर्द उत्तराखंड पुलिस सिपाही सुनीता ने महसूस किया औऱ उसे पेंसिल आर्ट के जरिए कागज पर उतारा. जिससे पता चलता है कि उन्हें उत्तराखंड के लोगों के साथ ही वीरान होते गांव की, खाली पहाड़ों का दर्द पता है.

सुनीता फोटो शेयर कर लिखी पोस्ट

उत्तराखंड पुलिस नें सिपाही के पद पर तैनात सुनीता नेगी ने फेसबुक पर फोटो शेयर करते हुए लिखा कि पहाड़ के घरों में लटकते ताले और गांव में दूर दूर तक फैला सन्नाटा ये बताने के लिए काफी है कि किस तरह से उत्तराखंड के गांव पलायन की समस्या के कारण पूरी तरह खाली हो गए हैं.जिसका मुख्य कारण है बेरोजगारी। रोजगार की तलाश में युवा शहरों की ओर बढ़ रहे हैं और वृद्ध पहाड़ों में अकेले रह कर गरीबी में अपना जीवन बसर करने को मजबूर हैं जो हमारे लिए बहुत दुर्भाग्य की बात है। सरकार को ठोस कदम उठना चाहिए जिससे पहाड़ों का पलायन रूक सके और वृद्ध अपने घर में अकेले न रहें।

महिला की फोटो पर लिखी पोस्ट

पहाड़ की महिला की तस्वीर शेयर करते हुए सुनीता नेगी ने लिखा कि पहाड़ का जीवन हमेशा से ही पहाड़ के जैसा कठोर रहा है। पहाड़ मे जीवन की आधार तो आज भी महिलाऐं ही हैं। सुबह से लेकर देर शाम तक लगातार बिना थके हाड-तोड मेहनत करती हैं ऐसी महिलाओं को कोटि-कोटि प्रणाम।। 

स्वयंसिद्धा सृजन सम्मान 2019 अवॉर्ड़ से सम्मानित सुनीता

आपको बता दें कि सुनीता नेगी पुलिस मुख्यालय देहरादून में तैनात हैं औऱ ड्यूटी से थो़ड़ा समय निकालकर अपनी हाथ की कला आजमाती है और उनकी इस कला के और पेंटिंग के सोशल मीडिया पर काफी लोग दिवाने हैं औऱ बतौर उनके शानदार पेंटिंग के लिए दिल्ली में स्वयंसिद्धा सृजन सम्मान 2019 अवॉर्ड़ से सम्मानित किया जा चुका है.

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