उर्गम घाटी के लोगों ने सरकार को दिखाया आईना, कल्प गंगा पर खुद बनाया कच्चा पुल

जोशीमठः पिछले दिनों आई भीषण आपदा से कई गांवों के सड़क तक पहुंचने के पुल तबाह हो गए। सड़कें बह गई, जिससे लोग खासे परेशान हैं। जोशीमठ की उर्गम घाटी में भी बारिश के कारण उफान पर आई नदी लकड़ी के पुल को अपने साथ बहा ले गई थी। तब से ही लोग प्रशासन से पुल बनाने की गुहार लगा रहे थे, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी, मजबूरन गांव के कुछ युवाओं ने खुद लकड़ी का कच्चा पुल बना डाला।

युवाओं ने सरकार को आईना दिखाने का काम किया है। कल्प गंगा पर बना कच्चा पुल बारिश में बह गया था। इसके चलते लोगों को काफी दूरी तय कर या फिर नदी में उतर कर नदी को पार करना पड़ रहा था, जिससे समय तो बबार्द हो रही रहा था। जान का खतरा भी बना हुआ था।

उर्गम घाटी के युवाओं ने बिना किसी सरकारी सहायता के कल्प गंगा पर लकड़ी का पैदल पुल बनाया है। अब ग्रामीणों को गांव जाने के लिए दस किमी की अतिरिक्त दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। पुल नहीं होने से उर्गम घाटी के भैटा, भर्की, पिलखी, अरोसी, ग्वाणा के ग्रामीणों को दूरसे रास्ते से अधिक दूरी तय कर आना-जान पड़ रहा था। ग्रामीणों की दिक्कतों को देखते हुए प्रेम सिंह, हर्षवर्धन, यशवंत, धर्म सिंह पंवार, गुरबीर सिंह, प्रेम सिंह, विक्रम सिंह, धर्म सिंह और कुदाल सिंह ने मिलकर लकड़ी का कच्चा पुल बनाने की याजना बनाई और उस पर काम शुरू कर दिया। उन्होंने दो-तीन दिनों में भी लकड़ी का कच्चा पुल बना दिया।

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