जोशीमठ में कुलदेवी की मूर्ति अपने स्थान से हटने को तैयार नहीं, परिवार वालों को दे रहीं धक्का

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amar ujala

जोशीमठ में जो लोग पीढ़ियों से रहते आए वो लोग अब अपने घरों को छोड़ कर जा रहें हैं। लोगों ने अपने जीवन भर की पूंजी लगाकर किसी तरह अपना आशियाना बनाया लेकिन अब वो ये आशियना छोड़ने को मजबूर हैं।

इंसान तो अपने रहने का घर बदल सकता है लेकिन देवी देवता का क्या? वो कैसे अपना घर बदलें। जोशीमठ में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। यहां रहने वाले देवी भक्त चंद्र बल्लभ पांडे के लिए दोहरी मुश्किलें आ खड़ी हुईं है। चंद्र बल्लभ पांडे का घर भू धंसाव की चपेट में आ गया। घर में दरारें पड़ गईं और रहने के लिए असुरक्षित हो गया। प्रशासन के आदेश के बाद उन्हे अपना घर खाली करना पड़ गया।

चंद्र बल्लभ अपने परिवार के साथ अपना सामान इत्यादि तो लेकर निकल आए लेकिन उनकी कुलदेवी अपने घर से निकलने को तैयार नहीं हो रहीं हैं। दरअसल चंद्र बल्लभ पांडे ने अपने घर में ही कुलदेवी को स्थापित कर रखा है। चंद्र बल्लभ पांडे और उनका परिवार नियमित रूप से देवी की पूजा अर्चना करता है। उनका ये क्रम कभी नहीं टूटा।

भवन में दरार आई तो वो घर से जाने लगे। ऐसे में उन्होंने अपनी कुलदेवी की मूर्ति को भी उनके स्थान से उठाकर शिविर में ले जाने की कोशिश की। लेकिन देवी मां जाने को तैयार नहीं हुईं। चंद्र बल्लभ देवी की मूर्ति को उनके स्थान से हिला भी नहीं पाए। उल्टा उन्हे देवी की मूर्ति लगातार धक्के देकर खुद से दूर कर दे रहीं हैं।

चंद्र बल्लभ पांडे और उनके परिवार के सामने अब बड़ी दुविधा आन खड़ी हुई है। वो रोजाना नियम से कुलदेवी की पूजा करने के लिए अपने असुरक्षित भवन में आ रहें हैं। वहीं विधि विधान से देवी की पूजा कर रहें हैं। अफसरों के पास भी अब इसका कोई हल नहीं है।

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