सेना भर्ती को लेकर बड़ा फैसला, देनी होगी पहले वफादारी की परीक्षा

देहरादून- पहाड़ में युवाओं में सेना भर्ती को लेकर काफी क्रेज देखने को मिलता है. यहां तक की अधिकरतर उत्तराखंड के युवक देश की सीमा पर और कई जगह देश की रक्षा कर रहे हैं.

लेकिन सुरक्षा को देखते हुए अब भर्ती को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है जिसमें युवाओं को थोड़ी दिक्कत हो सकती है. जी हां भर्ती के समय जवानों की वफादारी को भी परखा जाएगा। इस फैसले से सैन्य बलों में जासूसी कांडों, हनी ट्रैप जैसी घटनाओं की रोकथाम के हो सकेगी।

अगले चरण में थल सेना एवं नौसेना में भी भर्ती के नियमों में आवश्यक बदलाव

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सभी बलों में भर्ती होने वाले जवानों के लिए इस व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। हाल में वायुसेना में जवानों की भर्ती के लिए इसका क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। सूत्रों का दावा है कि अगले चरण में थल सेना एवं नौसेना में भी भर्ती के नियमों में आवश्यक बदलाव कर इसे शामिल किया जाएगा।

क्या वह पैसे की लालच में या हनी ट्रैप में फंस सकता है या नहीं???

वायुसेना से जुड़े सूत्रों ने कहा कि लिखित परीक्षा पास करने, चिकित्सकीय परीक्षा पूरी होने के बाद तीसरे चरण में उम्मीदवारों को एक विशेषज्ञ पैनल के समक्ष पेश होना पड़ता है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी तथा मानसिक विशेषज्ञ भी मौजूद रहते हैं, उसमें जवानों से खासतौर से ऐसे सवाल-जवाब किए जाते हैं, जिससे सैन्य बलों में शामिल होने का उसका मकसद जाना जा सके। प्रश्नों के जरिये ही यह भी परखा जाता है कि क्या वह पैसे की लालच में या हनी ट्रैप में फंस सकता है या नहीं।

सैन्य बलों में अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में कई तरह के परीक्षण शामिल होते हैं। लेकिन स्पष्ट रूप से वफादारी परीक्षा जैसी कोई व्यवस्था अभी नहीं है। सूत्रों के अनुसार जिस प्रकार अधिकारियों के भी जासूसी और हनीट्रैप में फंसने के मामले आ रहे हैं, आगे नए भर्ती होने वाले अधिकारियों को इस प्रक्रिया से गुजारा जा सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here