टिहरी की प्रतिभा बनी इसरो में वैज्ञानिक, 23 साल की उम्र में ही हासिल किया मुकाम

टिहरी- पहाड़ी जिले के खांटी पहाड़ी कस्बे चंबा की बेटी ने अपनी प्रतिभा के दम न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया बल्कि उत्तराखंड को भी गदगद कर दिया है।

टिहरी के खुरेत गांव की निवासी प्रतिभा नेगी ने साबित किया कि वह सिर्फ नाम की ही प्रतिभा नहीं बल्कि असलियत में भी प्रतिभा है। जतो नामः ततो गुणः की उक्ति को चरितार्थ करने वाली उत्तराखंड की बेटी प्रतिभा सिर्फ 23 साल में इसरो की वैज्ञानिक बन गई हैं।

टिहरी जैसे छोटे नगर और चंबा जैसे कस्बे से स्कूलिंग पूरी करने वाली प्रतिभा ने टिहरी के ही भागीरथी पुरम से हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया। उसके बाद इलाहाबाद के नामचीन  मोतीलाल नेहरू विश्वविद्यालय में एमटेक की पढ़ाई करने लगी।

इसी बीच पिछले साल जुलाई महीने में प्रतिभा ने इसरो की अखिल भारतीय स्तर पर होने वाली लिखित परीक्षा में भाग लिया। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नवंबर माह में मौखिक परीक्षा दी।

इसी साल 22 मार्च को इसरो से प्रतिभा के लिए गुड न्यूज आ गई कि प्रतिभा का चयन इसरो में वैज्ञानिक के पद पर हुआ है। जबकि  इसी महीने की 12 मई को इसरो के बेंगलुरू स्थित हसन केंद्र में उसे मास्टर कंट्रोलिगं फैसीलिटी पद पर नियुक्ति दे दी गई है।

प्रतिभा ने अपने चयन से उन लोगों को आईना दिखाया है जिनकी वजह से सरकार को नारा गढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’

बहरहाल khabaruttarakhand.com आपको सैल्यूट करता है पहाड़ के नाम को रोशन करने के लिए और आपके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए आपको हार्दिक शुभकामना देता है।

 

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