टिहरी डीएम ने किया ऐसा काम कि सीएम त्रिवेंद्र रावत से लेकर केंद्र तक ने की सराहना

टिहरी- जिलाधिकारी सोनिका की दूरदराज के गांवों तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने की 555 टेलीमेडिसिन सेवा अब रंग लाने लगी है। स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए शुरू की गई इस सेवा को अब केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारें अपनाना चाहती हैं।

टिहरी टोल नंबर जारी करने वाला पहला जिला

जिले के बौराड़ी में टेलीमेडिसिन सेवा के लिए कॉल सेंटर अस्पताल चलाया जा रहा है। इस कॉल सेंटर के माध्यम से सुदूरवर्ती गांवों के लोग घर बैठे ही दवाइयां मंगवा सकते हैं। ईलाज के बारे में फ्री में जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए 180011804112 एक टोल फ्री नंबर भी दिया गया है। टिहरी टोल नंबर जारी करने वाला पहला जिला है। 555 स्वास्थ्य सलाह सेवा केन्द्र का मकसद दूरदराज से लोगों को बीमारी के बारे में जानकारी देना और उन तक दवाई पहुंचाना है।

कोई भी व्यक्ति बीमारी के बारे में 555 या टोल फ्री नम्बर 180011804112 पर कॉल करके जानकारी ले सकता है। कॉल सेन्टर में बैठे फार्मेसिस्ट सीधे डॉक्टर से बात करवाकर बीमारी के बारे में बताता है।

टिहरी जिलाधिकारी सोनिका चर्चाओं में

डीएम ने जानकारी देते हुए बताया कि जिसके पास कोई भी दवाई जो उनके किसी काम की नहीं है, वे उसे ड्रॉप बाक्स में डाल सकते हैं। जिससे उसका फिर से उपयोग हो सके। 555 टेलीमेडिसिन सेवा के कारण आजकल टिहरी जिलाधिकारी सोनिका चर्चाओं में है।

जिलाधिकारी सोनिका ने बताया कि 555 अपने आप में यूनिक चीज है। इसे तीन पार्ट में बनाया गया है। जिससे सबका ईलाज आसानी से किया जाता है। डीएम ने कहा कि दूर दराज में बैठे मरीज कॉल सेंटर के माध्यम से हमसे सम्पर्क कर सकता है। उन्होंने कहा कि 9 महीने में पहले शुरू किये गये कॉल सेंटर में अब तक लगभग पांच हजार कॉल आ चुकी हैं। साथ ही एक हजार से अधिक प्रसव महिलाओं को कॉल करके उनकी काउन्सलिंग की है।

सीएम त्रिवेंद्र रावत ने की डीएम की सराहना

प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने टिहरी जिलाधिकारी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने की यह अच्छी मुहिम है। उन्होंने कहा कि इस सेवा के माध्यम से दूर दराज के गांवों को जोड़ने का प्रयास किया जायेगा। साथ ही इस सेवा को उत्तराखण्ड के सभी जिलो में शुरू किया जाएगा।

वहीं इस पर टिहरी विधायक ने कहा कि यह पहला जिला है, जहां सबसे पहले 555 सेवा शुरू की गई है। यह सेवा दूर दराज में रहने वाले ग्रामीणों के ईलाज में कारगर साबित हो रही है।

केंद्र तक इस की तारीफ

आपको बता दें कि 555 सेवा की बारीकियों को देखने के लिये कुछ दिन पहले ही भारत सरकार की टीम यहां आयी थी। जिन्होंने इस सेवा का यहां आकर निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि केंद्र में इस सेवा को हर राज्य में लागू करने पर विचार चल रहा है।

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