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केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश, स्कूली छात्राओं के लिए मासिक-धर्म स्वच्छता प्रबंधन का मॉडल करें तैयार

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वो विद्यालयों में पढ़ने वाली लड़कियों के लिए मासिक-धर्म स्वच्छता प्रबंधन के वास्ते मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और एक राष्ट्रीय माडल तैयार करें ताकि इसे सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपना सकें। प्रधान न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पार्डीवाला की पीठ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वय करने और राष्ट्रीय नीति तैयार करने के लिए प्रासंगिक डाटा एकत्र करने के वास्ते स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है ।

पीठ का राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश

पीठ ने कहा कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय की मासिक-धर्म स्वच्छता के मुद्दे पर योजनाएं चल रही हैं। पीठ ने कहा, ‘सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिया जाता है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आवासीय और गैर-आवासीय विद्यालयों में लड़कियों के शौचालयों के उचित अनुपात को अधिसूचित करें।’

सैनिटरी पैड्स की मशीनें व पैड्स के निपटान की व्यवस्था पर जोर

पीठ ने कहा कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया जाता है कि वे स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण किफायती सैनिटरी पैड्स की वेंडिंग मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही इस्तेमाल हो चुके सैनिटरी पैड्स के निपटान की भी स्कूल में व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। पीठ ने केंद्र सरकार को जुलाई, 2023 के अंत तक अद्यतन स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

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