त्रिवेंद्र रावत को सुप्रीम कोर्ट से राहत, CBI जांच की अनुमति नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को बड़ी राहत दे दी है। त्रिवेंद्र के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में CBI जांच कराने के हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया है।

आपको बता दें कि नैनीताल हाई कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2020 को उमेश कुमार शर्मा व अन्य मामले में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआइ जांच का आदेश दिया था।

प्रदेश सरकार ने उसी दिन इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। तब से यह वाद सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। इस सुनवाई में त्रिवेंद्र को खासी राहत मिल गई है।

दरअसल त्रिवेंद्र सिंह रावत जिस समय मुख्यमंत्री थे उस दौरान पत्रकार उमेश कुमार ने त्रिवेंद्र को लेकर एक खुलासा किया। आरोप लगा कि त्रिवेंद्र ने झारखंड का बीजेपी प्रदेश प्रभारी रहते हुए पैसों का बड़ा लेनदेन किया है।

उमेश कुमार के इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया। हालात ये हुए कि त्रिवेंद्र सरकार ने उमेश कुमार पर सरकार को अस्थिर करने और राजद्रोह का मुकदमा कर दिया। मामला कोर्ट में पहुंचा।

उधर उमेश कुमार ने कोर्ट में इस मामले की सीबीआई जांच की मांग रख दी। इसके साथ ही अपने खिलाफ हुए एफआईआर को खारिज करने की मांग भी की। नैनीताल हाईकोर्ट ने उमेश कुमार की दोनों मांगें मान लीं और एफआईआर खारिज करते हुए सीबीआई जांच के आदेश दे दिए।

इसके बाद तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट चली गई। सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने सीबीआई जांच रोकने के लिए एक SLP दायर कर दी।

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