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क्वारंटीन सेंटर पर ऐसे रखी जा रही नजर, इस ‘आंख’ से बचना नामुमकिन

Breaking uttarakhand newsदेहरादून : क्वारंटीन किये गए लोगों को पर रखने के लिए उत्तराखंड पुलिस इसके लिए आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है, जिससे क्वारंटाइन किए गए लोग प्रशासन और पुलिस की आंखों में धूल न झोंक सकें. पुलिस ने इन हजारों लोगों पर नजर रखने के लिएइनके मोबाइल पर एक सॉफ्टवेयर डाउनलोड किया है. इसके जरिए इन लोगों की हर हरकत पर नजर राखी जाती है. इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट एजेंसी में स्मार्ट सिटी कन्ट्रोल रूम सीसीटीवी का मॉनिटरिंग रूम है. यहां एक बड़ी स्क्रीन लगी है, जिसमें क्वारंटाइन लोगों की मूवमेंट की गतिविधि पर नजर रखी जाती है.

क्वारंटाइन किए गए लोग अपने घरों से बाहर निकलते हैं, तो उनकी लोकेशन इस स्क्रीन में नजर आ जाती है. लाल, बैंगनी और नीले रंगों से क्वारंटाइन किए गए लोगों की लोकेशन का पता चलता है. लाल रंग किसी के बाहर जाने का संकेत होता है. जैसे ही कोई शख्स क्वारंटाइन सेंटर से बाहर जाता है, कंट्रोल रूम इसकी सूचना पुलिस को दे देता है. पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे वापस भेज देती है. इस तकनीक से बच पाना मुश्किल है.

उन अस्पतालों पर भी नजर राखी जा रही है, जिनमें कोविड-19 मरीज़ों का इलाज किया जा रहा है. ट्रैकिंग सॉफ़्टवेयर को धोखा देना आसान नहीं है. क्वारंटाइन किया गया व्यक्ति अगर अपना मोबाइल घर पर ही छोड़कर बाहर निकलता है तो आधे घंटे में ही पता चल जाता है कि वह फ़ोन के पास नहीं है. इस पर कंट्रोल रूम से संबंधित पुलिस थाने में सूचना दे दी जाती है और उसे वापस सेंटर पहुंचा दिया जाता है.

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