उत्तराखंड। बंद हाईवे ने ली 11 साल के बच्चे की जान, एंबुलेंस को नहीं मिला रास्ता

उत्तराखंड में हाईवे बाधित होने से एक छात्र की मौत हो गई। हाईवे बंद होने से छात्र एंबुलेंस से अस्पताल नहीं पहुंच सका।

बताया जा रहा है कि चंपावत के बडोली गांव का रहने वाला रितिक नाम का 11 वर्षीय बच्चा शनिवार को अपने घर में खेल रहा था। इसी बीच उसे ततैयों के झुंड ने काट लिया। रितिक के मां बाप उसे लेकर अस्पताल पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टरों ने रितिक को सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया।

एंबुलेंस से रितिक को लेकर उसके परिजन हल्दवानी के लिए निकले लेकिन टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग स्वांला में मलबा आने से बंद था। आगे जाना मुश्किल था लिहाजा एंबुलेंस उसे लेकर वापस लौटने लगी। हालात खराब हुए तो उसे उप जिला अस्पताल लोहाघाट ले जाया गया। दर्द से कराहते रितिक को लोहाघाट में समुचित इलाज मिलना मुश्किल था। दर्द से कराहते कराहते रितिक ने आखिरकार दम तोड़ दिया।

रितिक के मां बाप बेहद गरीब हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए उन्होंने अपना गांव छोड़ दिया और चंपावत में आ गए। रितिक के पिता मजदूरी करते हैं और उनकी मां भोजनमाता हैं। रितिक राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पांचवीं का छात्र था।

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