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जेल में कैदी की मौत से सहसपुर पुलिस घेरे में, SSP ने किया पुलिसकर्मियों को निलंबित

Breaking uttarakhand newsदेहरादून : सहसपुर थाने में बीते दिन शानिवार पुलिस हिरासत में आरोपी ने हवालात में खुदकुशी कर ली है इससे थाना पुलिस समेत पूरे महकमे में हड़कंप मच गया है लेकिन इससे पुलिस के ऊपर कई सवाल खड़े हो गए हैं. भले ही पुलिस कैदी की मौत को आत्महत्या बता रही हो लेकिन इससे पुलिस पर कई सवाल खड़े हो गए हैं और कोई झोल बताया जा रहा है.

युवती से रेप की कोशिश और ब्लैकमेल के आरोप में हवालात में बंद था आरोपी

जानकारी मिली है कि आरोपी को सहसपुर पुलिस ने युवती से रेप की कोशिश, पोक्सो एक्ट औऱ ब्लैकमेल के आरोप में हवालात में बंद किया था और युवती की शिकायत पर पुलिस ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आत्महत्या की बात कहते हुए सहसपुर पुलिस ने मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस ने बीते दिन उप राष्ट्रपति वैंकेया नायडू के देहरादून दौरे में वीआईपी के चलते किसी अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका औऱ पुलिस ने जल्द आधिकारिक पुष्टि के बाद दी विस्तृत जानकारी देने की बात कही. लेकिन आऱोपी की हवालात में खुदकुशी की बात गले से नहीं उतर रही है.

ये इसलिए क्योंकि सहसपुर थाने में जिस जगह हवालात है, उसके ठीक बराबर में थाने का ऑफिस है और ठीक सामने थानाध्यक्ष का कार्यालय भी है ऐसे में क्या किसी का ध्यान वहां नहीं गया औत तो और क्या वहां कोई भी पुलिसकर्मी औऱ अधिकारी मौजूद नहीं था। क्या जेल में बंद आरोपियों को ताला मारकर वीआईपी में चले गए थे सब पुलिसकर्मी औऱ अधिकारी?

कील से लटककर की आरोपी ने आत्महत्या-पुलिस

हैरान कर देने वाली बात ये भी निगरानी डयूटी पर तैनात दरोगा की कुर्सी भी ठीक हवालात के पास ही लगी होती है, ऐसे में हवालात के अंदर कील से लटक कर आरोपी आत्महत्या करना कहीं न कहीं संदेह पैदा कर  रहा है। फिलहाल जांच के बाद ही साफ हो पाएगी कि आखिर सच्चाई क्या है.

एसएसपी ने किया पुलिसकर्मियों को निलंबति

बता दें कि इस पूरे मामले की जांच एसपी देहात कर रहे हैं। वहीं इस मामले में एसएसपी ने देर रात अधिकारी हेड कांस्टेबल महेंद्र सिंह नेगी, सर्वेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है, इसके अलावा थानाध्यक्ष व विवेचक लाइन हाजिर किए गए हैं।

कस्टडी में मौतों से पुलिस पर उठ रही अंगुली

बता दें कि देहरादून जिलमें में ये पहला मामला नहीं है जब पुलिस कस्टडी में आरोपी की मौत हुई हो बल्कि इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इससे अब पुलिस पर ही उंगलियां और सवाल उठने शुरु हो गए हैं. वहीं अब पुलिस मामले की खुलासे के लिए सीसीटीवी की मदद लेने जा रही है जिससे कई खुलासे होने की उम्मीद है.

देखने वाली बात ये होगी की अगर पुलिस इन सबके पीछे दोषी पाई जाती है तो उनपर क्या कार्रवाई की जाएगी?

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