
कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने अपनी सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। हाल ही में उनके और कांग्रेस नेताओं के साथ हुई अभद्रता की घटना के बाद नैनीताल पुलिस ने उनका गनर हटा दिया। हालांकि प्रशासन ने उन्हें दूसरा गनर देने की पेशकश की, लेकिन विधायक ने साफ इनकार कर दिया है।
नया गनर भेजकर जासूसी करना चाहती है सरकार: हृदयेश
विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस सुरक्षा महज औपचारिकता है। उनका कहना है कि जब पुलिस की निगरानी में ही हमले होते हैं और कप्तान की मौजूदगी में ही किडनैपिंग जैसी घटनाएं घट सकती हैं, तो गनर रखकर कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि पुलिस अब नया गनर भेजकर उनकी जासूसी करना चाहती है, जिसे वे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
नैनीताल SSP को बताया राजनैतिक कप्तान
विधायक सुमित हृदयेश ने स्पष्ट किया कि उन्होंने गनर को वापस भेज दिया है और अब वे बिना सुरक्षा ही रहेंगे। साथ ही उन्होंने एसएसपी प्रह्लाद मीणा को राजनैतिक कप्तान कहते हुए निशाना साधते हुए कहा कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की कोई घटना होती है या उन पर हमला होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और नैनीताल पुलिस की होगी।
ये भी पढ़ें: नैनीताल हाईकोर्ट ने DM-SSP से मांगा शपथपत्र, बीजेपी नेताओं पर गिरफ्तारी की तलवार