बड़ी खबर : NEET परीक्षा के लिए SOP जारी, जानें परीक्षा केंद्र में क्या ला सकेंगे और क्या नहीं ?

नई दिल्ली: NEET2020 परीक्षा के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एसओपी जारी कर दी है। इसमें छात्रों के लिए नियम तय किये गए हैं। छात्रों को परीक्षा केंद्र में मोबाइल, बैग और किताब लाने पर रोक लगा दी है। कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते 13 सितंबर को होने वाली नीट और अन्य परीक्षाओं के लिए संशोधित एसओपी जारी की है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को एडमिट कार्ड के साथ ही छात्र-अभिभावकों के लिए परीक्षा केंद्र में क्या ला सकते हैं और क्या नहीं की सूची अनिवार्य रूप से जारी करनी होगी। एनटीए ने परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ा दी है। अब 3863 केंद्रो में परीक्षा आयोजित होगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एसओपी के तहत रविवार को नीट 2020 का आयोजन होगा। कागज और पेन पर आधारित नीट में छात्रों को स्वयं सत्यापित प्रमाण-पत्र देना होगा कि वे कोविड-19 पॉजीटिव नहीं हैं। साथ ही पैन छात्र अपना घर से लेकर आएंगे। छात्र आपस में किसी भी चीज का आदान-प्रदान नहीं कर सकेंगे। बुखार, सर्दी, खांसी वाले छात्र या किसी भी अन्य कर्मी को परीक्षा केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। यदि गेट पर कोई ऐसा पाया जाता है तो उसको कोरोना की गाइडलाइन के तहत उसे स्वास्थ्य केंद्र भेजा जाएगा।

अभी तक छात्र अपना मोबाइल, किताब को बैग में रखकर केंद्र के खुले मैदान में रख देते थे। परीक्षा केंद्र से लेकर बाहर तक छह-छह फीट की दूरी के नियम का पालन अनिवार्य है। सभी को परीक्षा केंद्र में तीन परत वाला मेडिकल मॉस्क और गलब्स पहनकर ही परीक्षा देनी होगी। पानी की बोतल और सेनेटाइजर लाने की अनुमति रहेगी। परीक्षा केंद्र में अंगूठे का निशान नहीं लगाया जाएगा। इसके लिए छात्र घर से सादे कागज पर अंगूठे का निशान लगाकर लाएंगे। इसके अलावा छात्रों को क्रॉस चैक के लिए डिजिटल सिग्नेचर से भी जांचा जा सकता है।

क्यूआर कोड से छात्र का एडमिट कार्ड और पहचान पत्र स्कैन होगा। NTA ने एडमिट कार्ड के साथ छात्रों को स्लॉट के तहत आने का समय दिया है। इसमें 40 मिनट के एक स्लॉट में 80 छात्र परीक्षा केंद्र पहुंचेंगे। जेईई में यह आंकड़ा सौ था। छात्रों से अपील की गई है कि कोरोना के चलते जांच मेटल डिटेक्टर के तहत होगी। इसके गहने, घड़ी, अंगूठी, चेन आदि जरूरी न हो तो न पहनें। इसके अलावा धार्मिक रिवाज के तहत कृपाण, मंगलसूत्र, बिछिया आदि पहनने वाले छात्र समय से पूर्व केंद्र पहुंचे, ताकि जांच के चलते देरी न हो।

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