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बेटे ने गला रेतकर कर दी पिता की हत्या, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

Breaking uttarakhand newsबाजपुर : लाॅकडाउन के दौरान और अनलाॅक होने के बाद अब आत्महत्याओं के मामलों के साथ डिप्रेशन के मामले भी सामने आने लगे हैं। डिप्रेशन के चलते जहां लोग आत्महत्या कर रहे हैं। वहीं, दूसरों की जान लेने में भी नहीं चूक रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने सबको चैंका दिया। नौकरी के छिन जाने से परेशान युवक इस कदर डिप्रेशन में चला गया कि उसने अपने ही पिता की गला रेतकर हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया।

नौकरी चले जाने से अवसाद में आए एक युवक ने अपने बूढ़े पिता की गला रेतकर हत्या कर शव वनखंडी जंगल में फेंक दिया। इसके बाद उसने खुद भी जहर खाकर जान देने की कोशिश की। वह घटनास्थल से कुछ दूरी पर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार मोहल्ला मुंडिया पिस्तौर के वार्ड नंबर पांच निवासी रेनू ने पुलिस को तहरीर दी थी कि 20-25 दिन से उसके घर में रह रहा मौसेरा भाई रणवीर उर्फ बबलू अपने पिता 70 वर्षीय चतर सिंह, निवासी कैनाल कॉलोनी हल्द्वानी को इलाज कराने की बात कहकर रिक्शे से ले गया। उनका पता नहीं चल रहा है।

पुलिस ने तब गुमशुदगी दर्ज कर ली। दो-तीन घंटे बाद रणवीर ने अपने एक रिश्तेदार को फोन कर कहा कि उसने पिता की हत्या कर दी है और खुद भी आत्महत्या कर रहा है। रेनू ने पुलिस को ये सूचना दी तो पुलिस ने रात में बरहैनी जंगल समेत कई जगहों की खाक छानी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को रेनू और उसके जीजा सहित अन्य परिजनों ने बरहैनी जंगल और वनखंडी मंदिर के आसपास खोजबीन की। इस दौरान झाड़ियों में चतर सिंह का शव मिला।

चतरसिंह के शव से करीब 100 मीटर की दूरी पर बेहोशी की हालत में बबलू भी पड़ा मिला। पुलिस ने उसको सीएचसी में भर्ती कराया है। प्रथम दृष्टया बेटे ने ही पिता का गला रेता। मौके से एक ब्लेड भी बरामद हुआ है। मृतक की एक बेटी और दामाद हल्द्वानी के कृष्णा कॉलोनी में रहते हैं। बताया जा रहा है कि बबलू दिल्ली में नौकरी करता था। लॉकडाउन में नौकरी चली जाने से वह मानसिक संतुलन खो बैठा था।

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