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तिरंगे में लिपटा जवान, स्ट्रेचर पर अंतिम विदाई देने आई पत्नी, गोद में दिखी 8 घंटे की बेटी, दिल चीर देगी घटना

तिरंगे में जवान लिपटा हुआ था। अंतिम विदाई देने के लिए लोगों की भीड़ लगी हुई थी। अफसर से लेकर बुजर्ग, महिलाएं, बच्चों तक की भीड़ जमा थी। वहां मौजूद हर शख्स की आंखे नम थी। तभी एक महिला स्ट्रेचर पर आती है। तो वहीं बगल में एक महिला के हाथ में नवजात बच्चा था।

स्ट्रेचर पर महिला और कोई नहीं मृत जवान की पत्नी है। वो जवान के मृत शरीर पर कांपते हाथ रखती है और फफक कर रो उठती है। जवान की मौत से आठ घंटे पहले ही पत्नी ने बेटी को जन्म दिया था। जिसके चलते उसे अपने पति को अंतिम विदाई देने के लिए अस्पताल से स्ट्रेचर पर ही आना पड़ा।

तिरंगे में लिपटा जवान, स्ट्रेचर पर अंतिम विदाई देने आई पत्नी

बार-बार वो स्ट्रेचर से उठने की कोशिश कर रही थी। लेकिन उठ नहीं पाई। इस दौरान अस्पताल का स्टाफ भी उन्हें बार-बार पकड़ता हुआ नजर आ रहा था। जिसने भी ये द्रश्य देखा वो अपने आंसू नहीं रोक पाए। सभी की आंखे नम हो गई। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

https://twitter.com/JtrahulSaini/status/2010391548836663719

गोद में थी 8 घंटे की बेटी

बताते चलें कि शुक्रवार रात सतारा में भारतीय सेना के जवान हवलदार प्रमोद जाधव की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इसी बीच 9 महीने की गर्भवती पत्नी को प्रवस पीड़ा हुई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पत्नी ने बेटी को जन्म दिया।

लद्दाख में थे तैनात

प्रमोद जाधव लेह, लद्दाख में तैनात थे। अपनी गर्भवती पत्नी रुतुजा की देखभाल के लिए कुछ हफ्ते पहले ही वो छुट्टी लेकर महाराष्ट्र के सतारा जिले में आए थे। डारे तुर्फ आरे गांव में अपनी पत्नी के साथ थे। शुक्रवार को जब उनकी पत्नी को प्रसव पीड़ा हुी तो वो उन्हें सतारा के एक निजी नर्सिंग होग ले गए। पत्नी को भर्ती करवाकर वो जरूरत का सामान लेन घर जा रहे थे।

सड़क हादसे में हुई मौत

बाइक पर सवार प्रमोद जाधव को इसी बीच एक मिनी ट्रक ने टक्कर मार दी। राहगीरों और स्थानीय लोगों जवान को अस्पताल पहुंचाया। जहां उन्हें बचाया ना जा सका।

पत्नी से छिपाई घटना

इस दुखद घटना की सूचना मिलने के बाद प्रमोद जाधव के रिश्तेदारों और दोस्तों ने उनकी पत्नी को तुरंत ही ये सूचना ना देने का फैसला किया। हालांकि वो रात भर चिंता में थी क्योंकि उनके पति पूरी रात उनके पास नहीं आए। जब वो दर्द से तड़प रही थी तो प्रमोद उनके पास नहीं थे। शनिवार सुबह उसने एक बच्ची को जन्म दिया।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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