उत्तराखंड में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करना पड़ेगा भारी, लग सकता है इतना जुर्माना

देहरादून : उत्तराखंड में कोरोना का कहर कम हो गया है लेकिन इस बीच लोग लापरवाह हो चले हैं। लोग ना तो मास्क पहने दिखाई दे रहे हैं और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही सैनिटाइजर का प्रयोग भी कम हो गया है। दुकानों से लेकर कई जगहों पर जहां लोगों का आना जाना जारी है, वहां से सैनिटाइजर गायब है।

आपको बता दें कि अब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना करना भारी पड़ेगा। जी हां अब जुर्माना बढ़ाकर 200 रुपये से लेकर 700 रुपये तक किया जाना प्रस्तावित है। अभी यह जुर्माना 100 से 500 रुपये तक है। ये मामला कैबिनेट बैठक में भी रखा गया था, लेकिन इसे अगली कैबिनेट के लिए स्थगित कर दिया गया। आपको बता दें कि सरकार ने मास्क पहनने में हो रही लापरवाही को देखते हुए इसकी जुर्माना राशि 200 रुपये से लेकर एक हजार रुपये तक कर दी है। इसमें पहली बार बगैर मास्क पकड़े जाने पर 200 रुपये, दूसरी बार पकड़े जाने पर 500 रुपये और तीसरी बार और उससे अधिक बार पकड़े जाने पर यह जुर्माना एक हजार रुपये रखा गया है।

तीसरी लहर के अलर्ट को देखते हुए सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है। ताकि लोग मास्क पहने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और कोरोना संक्रमण की चैन टूट सके और फैले ना। लोगों की लापरवाही के कारण कोरोना संक्रमण फिर तेजी से बढ़ सकता है। इसे देखते हुए विभाग ने संक्रमण से बचाव को शारीरिक दूरी के लिए तय जुर्माने को भी बढ़ाने की तैयारी की है। इसके तहत पहली बार शारीरिक दूरी के मानक का उल्लंघन करने पर 200 रुपये, दूसरी बार उल्लंघन करने पर पांच सौ रुपये और तीसरी बार और उससे अधिक उल्लंघन करने पर यह राशि 700 रुपये प्रस्तावित की गई है।

लेकिन इस बीच बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या ये नियम सिर्फ आम जनता के लिए राजनेताओं के लिए नहीं। क्योंकि बीते दिनों अरविंद केजरीवाल देहरादून पहुंचे रैली की जिसमे भारी भीड़ रही। केंद्रीय मंत्री अजय भट्ट की रैली में भी कार्यकर्ता-नेता सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते नहीं दिखे। वहीं अब जेपी नड्डा भी 20 और 21 को उत्तराखंड दैरे पर हैं।

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