अब हरी छोड़िए और पीजिए नीली चाय…जानिए किससे बनती है औऱ क्या फायदे हैं

अभी तक आपने दूध की चाय, बिन दूध की चाय, लेमन चाय के साथ गुडहल के फूल की लाल चाय पी होगी। दूध की चाय हानिकारक होती है। लेमन टी के अपने फायदे हैं और गुडहल के फूल की चाय के भी अपने फायदे हैं। आप ने अब तक ग्रीन टी भी होगी लेकिन अब आप पीजिए नीली चाय़. जी हां नीली चाय…चौकिए मत नीली चाय भी होती है जो की काफी फायदेमंद होती है। आपको बता दे कि नीली चाय अपराजिता के फूलों से बनती है। बड़े ही आसान तरीके से बहुत ही फायदेमंद नीली चाय बनती है।

नीली चाय बनाने का तरीका

नीली चाय बनाने के लिए पहले थोड़े अपराजिता फूलों को थोड़ा गर्म पानी में डालिए। अगर आप शक्कर के साथ पीना चाहते हैं तो आप चीनी भी मिला सकते हैं, नहीं तो आप बिना मीठे के भी इसे पी सकते हैं। जैसे ग्रीन टी के अपने फायदे हैं वैसे ही अपराजिता के फूल की चाय के भी अपने फायदे होते हैं। बता दें कि अपराजिता के फूलों में कुछ ऐसे कुदरती तत्व मौजूद होते हैं, जो खून को साफ रखते हैं। इन फूलों का इस्तेमाल ब्यूटी प्रोडक्टस बनाने के लिए भी इस्तेमाल होता है। इसके अलावा अपराजिता के पौधे की जड़ का लेप चेहरे पर लगाने से चेहरे की रंगत भी निखर जाती है।

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