सितारगंज : प्रमाणपत्रों से पूर्वी पाकिस्तानी और बांग्लादेशी शब्द हटाने की मांग उग्र

सितारगंज शक्तिफार्म में एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था द्वारा सम्पूर्ण उत्तराखण्ड में बंगाली समुदाय के परिवारों को तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों में से पूर्वी पाकिस्तानी एवं बांग्लादेशी शब्द को सरकार से तत्काल हटवाने का शासनादेश जारी करवाने के लिए संस्था पदाधिकारियों ने 24वें दिन शक्तिफार्म सुभाष चौक में जनसंपर्क कर आम जनमानस को पंपलेट बांटकर जागरूक किया।
एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था द्वारा चोविसवें दिन शक्तिफार्म में पम्पलेट बांट लोगों को जागरूक किया जा रहा हैं। संस्था के अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार साहू रतनफार्म संस्था प्रभारी विश्वजीत मिस्त्री ने संयुक्त रूप से कहा की उत्तराखंड में बंगाली समुदाय के परिवारों को तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों में पूर्वी पाकिस्तान एवं पूर्वी बांग्लादेशी शब्द का कई वर्षों से प्रयोग किया जा रहा है। जबकि बंगाली समुदाय के लोगों ने स्वतंत्र भारत देश में जन्म लेकर भारतीय नागरिक होने के साथ साथ भारतीय संविधान में पूर्ण आस्था निष्ठा रखते हुऐ भारतीय संविधान का सम्पूर्ण पालन कर समाजहित व भारतहित में लगातार कार्य कर रहे हैं। तो फिर बंगाली समुदाय के लोग पूर्वी पाकिस्तानी एवं पूर्वी बांग्लादेशी कैसे हो गए।
एक समाज श्रेष्ठ समाज संस्था कई वर्षों से बंगाली समुदाय को तहसील स्तर से जारी होने वाले प्रमाण पत्रों में से पूर्वी पाकिस्तानी पूर्वी बांग्लादेशी शब्द हटाने के लिए उत्तराखंड सरकार से लगातार अनेक प्रकार से माँग करती आ रही है। लेकिन उत्तराखंड सरकार इस गंभीर विषय में अपनी गंभीरता नहीं दिखा रही है जबकि यह किसी भी प्रदेश सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि वह अपने प्रदेश के नागरिकों को स्वतंत्रता से जीने का अधिकार दें लेकिन उत्तराखंड सरकार के द्वारा भारतीय बंगाली समुदाय के लोगों के आवश्यक प्रमाण पत्रों में पूर्वी पाकिस्तानी पूर्वी बांग्लादेशी शब्द का प्रयोग कर सभी बंगाली समुदाय के लोगों को अपने आप पर कलंकित महसूस करा रही हैं

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